Highlights
- सीएम मोहन यादव ने की समीक्षा
- पहले छोटे किसानों से खरीदी
- MP में वारदाने की कमी नहीं
- खरीदी से पहले तौल कांटे का परीक्षण
MP Gehu Kharidi 2026: मध्यप्रदेश में 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी होगी। सबसे पहले छोटे किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को गेहूं खरीदी की समीक्षा बैठक की।
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‘पहले छोटे किसानों से खरीदी जाएगी गेहूं’
मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने समीक्षा बैठक लेते समय कहा कि प्रदेश के किसानों को हर तरह से लाभ पहुंचाना हमारी प्रतिबद्धता है। हमारी सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है। प्रदेश में तय वक्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी।
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जिसका उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। उपार्जन प्रक्रिया में सबसे पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। जिसके बाद मध्यम और बड़े किसानों के गेहूं की खरीदी की जाएगी। स्लॉट बुकिंग वाले सभी किसानों का गेहूं चरणबद्ध रूप से खरीदा जाएगा।

MP में नहीं है बारदाने की कमी
सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है। सरकार किसानों ने लिए सभी व्यवस्थाएं कर रही हैं। राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है। गेहूं उपार्जन में बारदान की उपलब्धता निरंतर बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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प्रदेश में गेहूं खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से बारदाने की समस्या नहीं आने दी जाएगी। केन्द्र सरकार जूट कमिश्नर सहित कई कम्पनियों से बारदान प्रदायकर्ता एजेंसियों से बारदान आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है, जिससे की किसानों को बारदान की समस्या ना हो।
खरीदी होने से पहले करना होगा तौल केंद्रों का निरीक्षण
समीक्षा बैठक में सीएम मोहन यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया जाए। इसके लिए किसानों को उपार्जन केन्द्र तक आने और गेहूं बेचने में किसी भी तरह की कठिनाई न हो।
मुख्यमंत्री ने उपार्जन व्यवस्था पर नियमित रूप से निगरानी के लिए एक राज्य स्तरीय एवं कृषि उपज मंडियों में भी कंट्रोल रूम भी बनाने के निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के सभी तौल केंद्रों का 10 अप्रैल से पहले गहन निरीक्षण करा लिया जाए, ताकि किसानों में किसी भी तरह का संशय न रहे।