MP NEWS: भोपाल/सागर। मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला सागर जिले के बंडा क्षेत्र से सामने आया है, जहां अस्पताल परिसर के बाहर दिनदहाड़े एक नर्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात से न सिर्फ इलाके में दहशत फैल गई, बल्कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा पर भी गंभीर चिंता खड़ी हो गई है।

ड्यूटी खत्म कर निकलते ही बरसाईं गोलियां
मिली जानकारी के अनुसार, नर्स अपनी ड्यूटी समाप्त कर अस्पताल परिसर से बाहर निकल रही थीं। जैसे ही वह गेट के बाहर पहुंचीं, पहले से घात लगाए एक हमलावर ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
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आरोपी ने लगातार तीन गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली नर्स की पीठ में लगी। गंभीर रूप से घायल नर्स मौके पर ही गिर पड़ीं और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल कर्मचारियों ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे घटनास्थल
मामले की गंभीरता को देखते हुए बंडा एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि और सागर एएसपी डॉ. संजीव उइके भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थानीय पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इलाके में दहशत, स्वास्थ्य कर्मियों में आक्रोश
इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर अस्पताल जैसे स्थान सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजिमी है।
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कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
दिनदहाड़े अस्पताल के बाहर हुई इस गोलीबारी की घटना के बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधा है। पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अब देखना होगा कि आरोपी कितनी जल्दी गिरफ्त में आता है और क्या इस घटना के बाद स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।
