Mp Assembly Session: मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान लाडली बहना योजना की राशि 3 हजार रुपये नहीं किए जाने का मुद्दा सदन में गूंजा। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सरकार पर बहनों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि न तो योजना की राशि 3000 रुपये की गई और न ही नए पंजीयन की कोई व्यवस्था की गई है।

महेश परमार ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने बहनों से वादे कर सरकार बनाई, लेकिन अब उन्हें पूरा नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि कई पात्र महिलाएं आज भी पंजीयन से वंचित हैं।

इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि लाडली बहनों के खातों में नियमित रूप से राशि डाली जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना की राशि 3000 रुपये करने पर सरकार काम कर रही है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
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मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार अपना काम कर रही है और विपक्ष को अनावश्यक चिंता करने की जरूरत नहीं है। 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद बहनों को वृद्धा पेंशन का लाभ भी दिया जा रहा है। उन्होंने यह दावा किया कि किसी भी बहन का नाम योजना से नहीं काटा गया है। हालांकि नए पंजीयन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल इसका जवाब देना संभव नहीं है।

इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सदन में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि लाडली बहना योजना पूरी तरह चालू है। सरकार साल 2028 तक योजना की राशि 3000 रुपये करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी काम धीरे-धीरे पूरे किए जाएंगे और विपक्ष को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन सरकार ने एक बार फिर भरोसा दिलाया कि लाडली बहना योजना को बंद नहीं किया जाएगा और बहनों को इसका पूरा लाभ मिलता रहेगा।


