मऊगंज में गौ माता के सम्मान और गौशालाओं में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार के विरोध में सोमवार को एक दिवसीय सांकेतिक अनशन किया गया। समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने गौशालाओं में फर्जी सत्यापन और बिना जमीनी हकीकत के शासकीय राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए शासन-प्रशासन को खुली चेतावनी दी।
अनशन पर बैठे समाजसेवी अखिलेश पाण्डेय सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने कहा कि बेलहा, रमकुड़वा, हाटा, बघैला और मलैगवा पंचायतों की गौशालाएँ केवल कागजों में संचालित हो रही हैं। जमीनी स्तर पर गौ माता की स्थिति दयनीय है, जबकि उनके नाम पर शासकीय धन का कथित रूप से गबन किया जा रहा है। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ गौ माता के सम्मान के साथ विश्वासघात बताया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि तत्काल प्रभाव से इन पांचों पंचायतों की गौशालाओं को निरस्त किया जाए, गबन की गई राशि की वसूली की जाए और दोषी अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त संवैधानिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में यह सांकेतिक अनशन वृहद जन आंदोलन और आमरण अनशन का रूप ले सकता है, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
आंदोलनकारी ने बताया कि जब तक संलिप्त लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक अनशन जारी रहेगा।


