पन्ना | पन्ना जिले की गुनौर विधानसभा में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास में अव्यवस्थाओं की गंभीर तस्वीर सामने आई है। छात्रावास में विगत छह वर्षों से पदस्थ अधीक्षिका और दो वर्षों से कार्यरत रसोइया के आपसी टकराव के बीच छात्राओं को मिलने वाले भोजन और व्यवहार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया।

छात्राओं का आरोप है कि उन्हें जला‑भुना और खराब गुणवत्ता का भोजन परोसा जा रहा है, जबकि रसोइया अपने लिए अलग से अच्छा खाना बनाती हैं। छात्राओं ने रसोइयों पर भेदभाव, जातिवाद और मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

आक्रोशित छात्राएं छात्रावास के बाहर धरने पर बैठ गईं और नारेबाजी की। रो‑रोकर छात्राओं ने अपने साथ हो रहे व्यवहार की जानकारी दी और अपने अभिभावकों को फोन कर पूरी स्थिति से अवगत कराया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए।
मामले की जानकारी मिलते ही गुनौर पुलिस और तहसीलदार रत्नाराशि पांडे छात्रावास पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही और छात्रावासों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ स्टाफ के कारण अनुशासन और व्यवस्था प्रभावित होती है, इसलिए पूरे स्टाफ को बदलकर नए कर्मचारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए।
इस मामले में डीपीसी अजय गुप्ता ने बताया कि छात्राओं द्वारा भोजन की शिकायत की गई है, वहीं रसोइयों की ओर से भी छात्राओं को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


