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NCRB 2024 रिपोर्ट: महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के खिलाफ अपराध में मध्य प्रदेश की स्थिति चिंताजनक

NCRB 2024 report
NCRB 2024 report
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NCRB 2024 रिपोर्ट:- Madhya Pradesh में बढ़ते अपराध के आंकड़ों ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। NCRB 2024 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों के खिलाफ अपराध के मामलों में प्रदेश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं।

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महिलाओं के खिलाफ अपराध में फिर टॉप-5 में मध्य प्रदेश

NCRB रिपोर्ट के अनुसार साल 2024 में मध्य प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 13 हजार 396 मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही प्रदेश देश के टॉप-5 राज्यों में शामिल हो गया है।

चौंकाने वाली बात यह है कि लगातार चौथे साल महिला अपराध के मामलों में मध्य प्रदेश की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रदेश में दुष्कर्म, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा और उत्पीड़न जैसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है।

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महिला अपराध 2024

  • कुल मामले: 13,396
  • देश में स्थान: टॉप-5
  • लगातार चौथे साल गंभीर स्थितिट

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बुजुर्गों के खिलाफ अपराध में देश में नंबर-1

रिपोर्ट में सबसे ज्यादा चौंकाने वाले आंकड़े बुजुर्गों के खिलाफ अपराध को लेकर सामने आए हैं। मध्य प्रदेश में बुजुर्गों के खिलाफ 5 हजार 875 मामले दर्ज किए गए, जिसके साथ प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।

इन मामलों में मारपीट, संपत्ति विवाद, मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक शोषण जैसे अपराध शामिल हैं। जिस उम्र में सुरक्षा और सम्मान की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी उम्र में बुजुर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

बुजुर्गों पर अपराध

  • कुल मामले: 5,875
  • देश में रैंक: नंबर-1
  • प्रमुख अपराध: प्रताड़ना, संपत्ति विवाद, आर्थिक शोषण

बच्चों के खिलाफ अपराध में देश में दूसरे नंबर पर प्रदेश

बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी तस्वीर बेहद डराने वाली है। NCRB रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में बच्चों के खिलाफ अपराध के 21 हजार 908 मामले दर्ज हुए हैं। इस आंकड़े के साथ महाराष्ट्र के बाद मध्य प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर है।

बाल शोषण, अपहरण, POCSO एक्ट से जुड़े मामले और हिंसा की घटनाओं ने बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बच्चों के खिलाफ अपराध

  • कुल मामले: 21,908
  • देश में स्थान: नंबर-2
  • शामिल अपराध: अपहरण, POCSO, हिंसा

साइबर अपराध में भी तेजी से बढ़ोतरी

डिजिटल दौर में साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 1081 नए साइबर क्राइम केस दर्ज किए गए हैं। इनमें ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग और साइबर पोर्नोग्राफी जैसे मामले शामिल हैं।

हालांकि पुलिस की चार्जशीट दर 86 प्रतिशत से अधिक बताई जा रही है, लेकिन सजा दर 50 प्रतिशत से कम होना कानून व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।

साइबर क्राइम 2024

  • नए केस: 1081
  • चार्जशीट दर: 86%+
  • सजा दर: 50% से कम

NCRB रिपोर्ट पर तेज हुई सियासत

NCRB रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है। विपक्ष सरकार पर अपराध रोकने में विफल रहने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार लगातार कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने के दावे कर रही है।

हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या मध्य प्रदेश महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों के लिए सुरक्षित राज्य बन पाएगा?

आंकड़े बता रहे जमीनी हकीकत

NCRB की रिपोर्ट ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि अपराध के आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं होते, बल्कि वे समाज की वास्तविक स्थिति को सामने लाते हैं। मध्य प्रदेश के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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