हाइलाइट्स
-
जबलपुर का मोहरी तालाब जलपक्षियों की संख्या और प्रजातियों में प्रदेश में पहले स्थान पर
-
भोपाल के भोज वेटलैंड में कुल 2430 जलपक्षी दर्ज
-
विशालखेड़ी क्षेत्र में 129 अलग-अलग प्रजातियों की मौजूदगी
-
विदेशी और प्रवासी जलपक्षियों से झीलों और वेटलैंड्स की सेहत साबित
MP Lakes News : मध्यप्रदेश। झीलों की सेहत का असली पैमाना जलपक्षी होते हैं। जब पक्षी लौटते हैं, तो समझिए पानी और पर्यावरण दोनों सुरक्षित हैं। हालिया जलपक्षी गणना ने यही तस्वीर मध्यप्रदेश में साफ कर दी है।

BHOPAL NEWS : भोपाल नगर निगम में 39 दिनों में 8 हजार शिकायतें
भोपाल और जबलपुर में जलपक्षियों की अच्छी मौजूदगी
मध्यप्रदेश में हुई जलपक्षी गणना (Water Bird Census) के नतीजों ने राज्य की झीलों और वेटलैंड्स की जैव विविधता को एक बार फिर उजागर किया है। इस गणना में जबलपुर का मोहरी तालाब जलपक्षियों की संख्या और प्रजातियों के आधार पर प्रदेश में पहले स्थान पर रहा, जबकि भोपाल का भोज वेटलैंड दूसरे नंबर पर दर्ज किया गया।
आंकड़ों के मुताबिक, भोपाल के भोज वेटलैंड क्षेत्र में कुल 2430 जलपक्षी पाए गए। वहीं, भोज वेटलैंड के विशालखेड़ी क्षेत्र में 129 अलग-अलग प्रजातियों के पक्षी दर्ज किए गए, जिसे विशेषज्ञ बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।

MP Board Exams 2026 News : भोपाल में बोर्ड परीक्षाओं पर कड़ी नजर, CCTV और ड्रोन से निगरानी
विदेशी और प्रवासी जलपक्षियों की मजबूत मौजूदगी
गणना के दौरान बड़ी संख्या में विदेशी और प्रवासी जलपक्षी भी देखे गए। इनमें इंडियन स्पॉट-बिल्ड डक, यूरेशियन शॉवेलर, कॉमन कूट, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, नॉर्दर्न पिंटेल, ग्रे लैग गूज और ब्राउन-हेडेड गल प्रमुख रूप से शामिल रहे। साइबेरिया और यूरोप से आने वाले इन पक्षियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि प्रदेश के कई जलाशयों में अभी भी अनुकूल वातावरण बना हुआ है।
प्रदेश के प्रमुख जलाशयों की स्थिति
जलपक्षी प्रजातियों की संख्या के आधार पर प्रमुख जलाशयों की स्थिति इस प्रकार है:
-
मोहरी तालाब, जबलपुर – 139 प्रजातियां
-
भोज वेटलैंड, विशालखेड़ी (भोपाल) – 129
-
दाहोद जलाशय – 119
-
कलियासोत, भोपाल – 118
-
हलाली बांध – 116
-
रानी तालाब – 113
-
सिरपुर झील, इंदौर – 103
विशेषज्ञों का मानना है कि जलपक्षियों की यह संख्या दर्शाती है कि इन जलाशयों में पानी की गुणवत्ता और पारिस्थितिकी संतुलित बनी हुई है।
CRIME NEWS : गुरुद्वारे के बाहर सरेआम चली गोलियां, AAP नेता लक्की ओबेरॉय की मौत
संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष पहली बार सभी वन वृत्त और वन मंडलों को जलपक्षी गणना में शामिल किया गया, जिससे आंकड़ों की सटीकता बढ़ी है। जलपक्षियों की बढ़ती संख्या यह संकेत देती है कि कई जल स्रोतों में स्वच्छ पानी और संतुलित पारिस्थितिकी बनी हुई है। यह डेटा भविष्य की संरक्षण योजनाओं और शहरी जल प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
