Omkareshwar। सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों के मद्देनज़र ओंकारेश्वर में प्रशासन ने भू-माफियाओं और अवैध अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सफेदपोश, रसूखदारों और कथित भू-माफियाओं पर शिकंजा कसते हुए शासकीय भूमि से अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए।
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता के स्पष्ट निर्देशों के बाद राजस्व विभाग हरकत में आया और ओंकारेश्वर क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर त्वरित कार्रवाई की गई।

दो हेक्टेयर से अधिक शासकीय भूमि पर कब्जे का मामला
ओंकारेश्वर के वार्ड क्रमांक 9, चंद्रायणगढ़ निवासी रामेश्वर पिता श्यामलाल शर्मा पर ग्राम पंचायत बिल्लौरा बुजुर्ग अंतर्गत दो हेक्टेयर से अधिक शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर मल्टी निर्माण की मंशा रखने का आरोप सामने आया है। वहीं नगर परिषद ओंकारेश्वर निवासी निलेश पिता स्व. सत्यनारायण पुरोहित को भी अंतिम चेतावनी जारी की गई है।
प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार कुल 4.630 हेक्टेयर शासकीय भूमि में से 3.00 हेक्टेयर भूमि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पहले ही आवंटित की जा चुकी है। इसके बावजूद कथित रूप से अवैध कब्जा कर निर्माण करने का मामला उजागर हुआ।
7 दिन में कब्जा नहीं हटाया तो होगी कठोर कार्रवाई
नगर परिषद ओंकारेश्वर ने पत्र क्रमांक 585/राजस्व/2026, दिनांक 17 फरवरी को स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि 7 दिन के भीतर शासकीय भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो नगर परिषद अधिनियम 1961 की धारा 223 के तहत बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी।
तहसीलदार ने दिखाए सख्त तेवर
कलेक्टर के निर्देशों के बाद ओंकारेश्वर तहसीलदार नरेंद्र मुवेंल ने मौके पर पहुंचकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। शासकीय भूमि पर बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर भूमि को मुक्त कराया गया। छोटे झाड़-बड़े झाड़ क्षेत्र में बने अवैध गेस्ट हाउस, मोरटक्का रोड पर विकसित बड़ी-बड़ी कॉलोनियों और कॉलोनाइजरों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
मौके पर हंगामा, बाद में स्थिति शांत
कार्रवाई के दौरान रामेश्वर शर्मा की पत्नी द्वारा हंगामा किया गया, हालांकि अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत हो गई। कार्रवाई के समय राजस्व विभाग के आला अधिकारी, कोटवार और अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।


