Bhopal News: अवैध कॉलोनियों पर सरकार सख्त, नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी

Bhopal news: मध्य प्रदेश सरकार ने अवैध कॉलोनियों पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। प्रदेशभर में तेजी से फैल रही अनियमित कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए सरकार अब नियमों में व्यापक बदलाव करने जा रही है। इसके साथ ही आम लोगों को राहत और पारदर्शिता देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

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हाईराइज बिल्डिंग नियमों में संशोधन

सरकार हाईराइज (बहुमंजिला) इमारतों के नियमों में संशोधन करने की तैयारी में है। नए नियमों के तहत सुरक्षा, पार्किंग, और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सख्ती बढ़ाई जाएगी, ताकि अव्यवस्थित निर्माण पर रोक लग सके।

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शहर और गांव में एक जैसे नियम

अब कॉलोनी विकास के लिए शहर और गांव दोनों में समान नियम लागू करने की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी अनियोजित कॉलोनियों पर नियंत्रण लगेगा और विकास कार्यों में एकरूपता आएगी।

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भू-विकास नियमों में बड़े बदलाव

प्रदेश में भू-विकास (लैंड डेवलपमेंट) से जुड़े नियमों में बदलाव की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नए नियमों के जरिए प्लॉटिंग, सड़क, ड्रेनेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं को अनिवार्य किया जाएगा।

अवैध कॉलोनी काटने वालों पर सख्ती

सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि अवैध कॉलोनियां काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।

आम लोगों को मिलेगी राहत

नए नियमों के लागू होने से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। स्पष्ट नियमों के चलते प्लॉट खरीदने वाले लोगों को धोखाधड़ी से बचाव मिलेगा और वैध कॉलोनियों की पहचान आसान होगी।

पारदर्शिता और व्यवस्था पर फोकस

सरकार का मुख्य उद्देश्य कॉलोनी विकास में पारदर्शिता लाना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है। आने वाले समय में इन नियमों के लागू होने से शहरी और ग्रामीण विकास अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनने की उम्मीद है।

सिंहस्थ 2028 की तैयारी: सिंहस्थ महाकुंभ 2028 से पहले अवैध कब्जों पर चला बुलडोज़र, कई को नोटिस

Omkareshwar। सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों के मद्देनज़र ओंकारेश्वर में प्रशासन ने भू-माफियाओं और अवैध अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सफेदपोश, रसूखदारों और कथित भू-माफियाओं पर शिकंजा कसते हुए शासकीय भूमि से अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए।

खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता के स्पष्ट निर्देशों के बाद राजस्व विभाग हरकत में आया और ओंकारेश्वर क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर त्वरित कार्रवाई की गई।

Preparation for Simhastha 2028
Preparation for Simhastha 202

दो हेक्टेयर से अधिक शासकीय भूमि पर कब्जे का मामला

ओंकारेश्वर के वार्ड क्रमांक 9, चंद्रायणगढ़ निवासी रामेश्वर पिता श्यामलाल शर्मा पर ग्राम पंचायत बिल्लौरा बुजुर्ग अंतर्गत दो हेक्टेयर से अधिक शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर मल्टी निर्माण की मंशा रखने का आरोप सामने आया है। वहीं नगर परिषद ओंकारेश्वर निवासी निलेश पिता स्व. सत्यनारायण पुरोहित को भी अंतिम चेतावनी जारी की गई है।

प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार कुल 4.630 हेक्टेयर शासकीय भूमि में से 3.00 हेक्टेयर भूमि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पहले ही आवंटित की जा चुकी है। इसके बावजूद कथित रूप से अवैध कब्जा कर निर्माण करने का मामला उजागर हुआ।

7 दिन में कब्जा नहीं हटाया तो होगी कठोर कार्रवाई

नगर परिषद ओंकारेश्वर ने पत्र क्रमांक 585/राजस्व/2026, दिनांक 17 फरवरी को स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि 7 दिन के भीतर शासकीय भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो नगर परिषद अधिनियम 1961 की धारा 223 के तहत बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी।

तहसीलदार ने दिखाए सख्त तेवर

कलेक्टर के निर्देशों के बाद ओंकारेश्वर तहसीलदार नरेंद्र मुवेंल ने मौके पर पहुंचकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। शासकीय भूमि पर बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर भूमि को मुक्त कराया गया। छोटे झाड़-बड़े झाड़ क्षेत्र में बने अवैध गेस्ट हाउस, मोरटक्का रोड पर विकसित बड़ी-बड़ी कॉलोनियों और कॉलोनाइजरों की भी जांच शुरू कर दी गई है।

मौके पर हंगामा, बाद में स्थिति शांत

कार्रवाई के दौरान रामेश्वर शर्मा की पत्नी द्वारा हंगामा किया गया, हालांकि अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत हो गई। कार्रवाई के समय राजस्व विभाग के आला अधिकारी, कोटवार और अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

लाडली बहना योजना को लेकर अफवाह फैली, कलेक्टर ऑफिस में उमड़ी महिलाओं की भीड़

कटनी में लाडली बहना योजना को लेकर फैली अफवाहों ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अज्ञात लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया गया कि योजना के फॉर्म दोबारा भरे जा रहे हैं, जिसके बाद सैकड़ों महिलाएं रोज़ाना कलेक्टर कार्यालय पहुंच रही हैं। हालात ऐसे बन गए कि कलेक्टर ऑफिस में रोज़ महिलाओं की भारी भीड़ जुटने लगी।

प्रशासनिक अधिकारियों ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की कि फिलहाल योजना का न तो पोर्टल खुला है और न ही ऑफलाइन फॉर्म भरने के आदेश हैं, लेकिन महिलाएं यह बात मानने को तैयार नहीं हुईं। मजबूरी में प्रशासन को महिलाओं के आवेदन जमा करने पड़े। बीते कुछ दिनों में 5000 से अधिक फॉर्म कलेक्टर कार्यालय में जमा हो चुके हैं।

एक सप्ताह पहले कलेक्टर कार्यालय के बाहर कुछ संगठनों ने प्रदर्शन कर लाडली बहना योजना से वंचित महिलाओं को लाभ देने और ₹3000 मासिक सहायता की मांग उठाई थी। इसी बीच अफवाह फैली कि नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके बाद नगर निगम क्षेत्र और आसपास के गांवों से महिलाएं फॉर्म लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंचने लगीं, जिससे प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ।

अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि जमा हुए हजारों फॉर्म आखिर भेजे कहां जाएं। वहीं, इस अफवाह का फायदा उठाकर फोटो कॉपी और फॉर्म संचालक मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। एक पेज का फॉर्म 10 से 20 रुपये में बेचा जा रहा है, जिसमें समग्र आईडी और आधार कार्ड की फोटो भी लगवाई जा रही है। लगातार बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है।

शुजालपुर के पास ग्राम रिछोदा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला, मामला दर्ज

शुजालपुर | शुजालपुर के समीप ग्राम रिछोदा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संध्या सोनवाने पर चार–पांच महिलाओं द्वारा किए गए जानलेवा हमले से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि घटना उस समय हुई जब संध्या सोनवाने आंगनबाड़ी केंद्र पर बीएलओ (निर्वाचन) से संबंधित कार्य कर रही थीं।

जानकारी के अनुसार, अन्य समुदाय की कुछ महिलाएं निर्वाचन कार्य के बहाने आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंचीं और अचानक संध्या सोनवाने पर हमला कर दिया। आरोप है कि महिलाओं ने लकड़ी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की, जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गईं। हमलावर महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्र में रखे महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को भी नुकसान पहुंचाया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की गई। इस संबंध में हमारे संवाददाता अशोक मीणा ने शुजालपुर एसडीओपी निमेश देशमुख से विशेष बातचीत की। एसडीओपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने और पीड़िता के विस्तृत बयान दर्ज होने के बाद प्रकरण में अन्य धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।

एसडीओपी निमेश देशमुख ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है। अपराध चाहे महिला करे या पुरुष, किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं घायल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संध्या सोनवाने ने बताया कि उनका जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। उसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपित महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्र में आकर उन पर जानलेवा हमला किया और जान से मारने की कोशिश की। डंडे और लाठियों से किए गए हमले में उन्हें शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

हनुमना आरटीओ चेकपोस्ट पर अवैध वसूली का एक और वीडियो वायरल

हनुमना, मऊगंज | मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र में स्थित मध्य प्रदेश–उत्तर प्रदेश बॉर्डर के आरटीओ चेकपोस्ट से जुड़ा एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर चेकपोस्ट पर मौजूद तीन लोग एक ट्रक चालक से जबरन अवैध वसूली करते, उसे धमकाते और उसकी गाड़ी में जबरन घुसने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक यह वीडियो दो से तीन दिन पुराना बताया जा रहा है और यूपी–एमपी बॉर्डर स्थित हनुमना आरटीओ चेकपोस्ट का है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक ट्रक को रोककर उससे अवैध रूप से पैसे मांगे जा रहे हैं। जब ट्रक चालक पैसे देने से इनकार करता है, तो उसे गंभीर धमकियां दी जाती हैं।

“मारना है तो मारो” — चालक का वीडियो में बयान

वीडियो में ट्रक चालक यह कहते हुए सुनाई देता है, “तुम मुझे बाहरी समझ रहे हो, इसलिए धमका रहे हो। मारना है तो मारो।” इसके जवाब में चेकपोस्ट पर मौजूद लोग उसे “20 लाठी मारने” की धमकी देते हैं। इसके बाद दो लोग ट्रक की केबिन में चढ़ने की कोशिश करते हैं, हालांकि चालक गेट नहीं खोलता।

वीडियो बनता देख बदला आरोप

चालक लगातार यह भी कहता नजर आता है कि बॉर्डर बंद है और वह ट्रक आगे नहीं बढ़ाएगा। इसी दौरान जब एक व्यक्ति यह देखता है कि पूरी घटना का वीडियो बनाया जा रहा है, तो वह कथित तौर पर चालक पर झूठा आरोप लगाता है कि उसकी गाड़ी से टक्कर मारी गई है।

जबरन ट्रक की चाबी निकालने का आरोप

वीडियो में यह भी दिखता है कि एक व्यक्ति ट्रक की खिड़की से हाथ डालकर जबरन चाबी निकाल लेता है। बताया जा रहा है कि वीडियो में नजर आ रहे लोग आरटीओ से जुड़े दलाल हैं, जो चेकपोस्ट पर अवैध वसूली में सक्रिय रहते हैं।

इस मामले के सामने आने के बाद आरटीओ चेकपोस्ट की कार्यप्रणाली और अवैध वसूली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो को लेकर सख्त कार्रवाई करता है या फिर मामला केवल औपचारिक जांच तक सीमित रह जाता है।

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