राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा अपडेट, मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को कोर्ट से जमानत मिली। जानें पूरा मामला

राजा रघुवंशी हत्याकांड:- इंदौर के चर्चित हनीमून मर्डर केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को कोर्ट से जमानत मिल गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, हालांकि विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है।

सोनम रघुवंशी को कोर्ट से जमानत

बताया जा रहा है कि इस केस में अब तक केवल सोनम रघुवंशी ने ही जमानत के लिए आवेदन किया था, जबकि अन्य आरोपियों ने कोई याचिका दाखिल नहीं की है। यह जमानत याचिका ईस्ट खासी हिल्स जिला एवं सत्र न्यायालय के लीगल एड सेल के माध्यम से पेश की गई थी।

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बचाव पक्ष की दलीलें क्या रहीं?
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। साथ ही, सोनम ने जांच में पूरा सहयोग किया है और भविष्य में भी सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

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10 महीने से थीं जेल में बंद
सोनम रघुवंशी पिछले करीब 10 महीनों से जेल में बंद थीं। इसी आधार पर भी जमानत की मांग की गई थी।

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आज हो सकती है रिहाई
सूत्रों के अनुसार, सोनम के पिता और चचेरे भाई जमानत बांड की प्रक्रिया पूरी करने के लिए शिलांग पहुंच चुके हैं। संभावना जताई जा रही है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें आज शाम तक रिहा कर दिया जाएगा।

इस मामले में आगे क्या मोड़ आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

RBI का बड़ा एक्शन: Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द, UPI सर्विस जारी—ग्राहकों के पैसे सुरक्षित

भारत में डिजिटल बैंकिंग सेक्टर को बड़ा झटका देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Paytm Payments Bank Limited का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। RBI के इस फैसले के बाद 24 अप्रैल से बैंक की सभी मुख्य बैंकिंग सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

PaytmPaymentsBank
PaytmPaymentsBank

हालांकि, राहत की बात यह है कि Paytm का UPI ऐप पहले की तरह काम करता रहेगा और यूजर्स डिजिटल पेमेंट जारी रख सकेंगे।

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क्यों लिया गया यह फैसला?

RBI की जांच में बैंक की कार्यप्रणाली में गंभीर खामियां पाई गईं। नियामक के अनुसार, बैंकिंग सिस्टम में सुरक्षा और अनुपालन से जुड़ी समस्याएं थीं, जो भविष्य में ग्राहकों के हितों के लिए जोखिम बन सकती थीं। इसी कारण यह सख्त कार्रवाई की गई।

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क्या बंद हो जाएगी Paytm UPI सर्विस?

सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या अब QR कोड स्कैन कर पेमेंट संभव होगा?

  • अगर आपका UPI किसी अन्य बैंक (जैसे State Bank of India, HDFC Bank, या ICICI Bank) से जुड़ा है और आप सिर्फ Paytm ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कोई दिक्कत नहीं होगी।
  • Paytm अब एक थर्ड-पार्टी ऐप (TPAP) के रूप में काम करेगा, ठीक वैसे ही जैसे Google Pay और PhonePe करते हैं।
  • यानी UPI ट्रांजेक्शन जारी रहेंगे।
  • लेकिन अगर आपका UPI हैंडल सीधे “@paytm” से जुड़ा है, तो आपको इसे किसी दूसरे बैंक खाते से लिंक करने की सलाह दी जाती है।

वॉलेट और बैंक बैलेंस का क्या होगा?

  • जिन ग्राहकों का पैसा Paytm Payments Bank के सेविंग अकाउंट या वॉलेट में है, उनका पैसा सुरक्षित है।
  • आप अपने मौजूदा बैलेंस का उपयोग कर सकते हैं।
  • लेकिन अब नए पैसे जमा (Deposit) नहीं कर पाएंगे।

FASTag यूजर्स के लिए अपडेट

  • पुराने FASTag बैलेंस का इस्तेमाल जारी रहेगा।
  • लेकिन भविष्य में परेशानी से बचने के लिए किसी अन्य अधिकृत बैंक से नया FASTag लेने की सलाह दी गई है।

पहले भी लग चुके थे प्रतिबंध

RBI ने यह फैसला अचानक नहीं लिया।

  • 2022 में नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगाई गई थी
  • 2024 में नए डिपॉजिट पर पाबंदी लगाई गई

लगातार नियमों के उल्लंघन के बाद आखिरकार लाइसेंस रद्द कर दिया गया।

क्या सीख मिलती है?

Paytm संकट यह सिखाता है कि डिजिटल बैंकिंग में हमेशा बैकअप रखना जरूरी है।
एक ही बैंक या ऐप पर पूरी तरह निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है।

नहीं रहे राघव चड्ढा….आम आदमी पार्टी के

नई दिल्ली से इस वक्त बड़ी राजनीतिक हलचल की खबर सामने आ रही है। राघव चड्ढा को लेकर दावा किया जा रहा है कि वे आम आदमी पार्टी से दूरी बना सकते हैं।

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कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का ऐलान कर सकते हैं। हालांकि, इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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दो-तिहाई सांसदों’ वाले दावे पर सस्पेंस

खबरों में यह भी दावा किया जा रहा है कि राघव चड्ढा दो-तिहाई सांसदों के साथ पार्टी छोड़ सकते हैं। लेकिन इस दावे को लेकर भी किसी तरह की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

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AAP से असंतोष की चर्चाएं

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के भीतर कुछ नीतियों और नेतृत्व को लेकर असंतोष की बातें सामने आ रही हैं। हालांकि, इस पर पार्टी या राघव चड्ढा की तरफ से कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया गया है।

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अन्य नेताओं को लेकर भी चर्चा

रिपोर्ट्स में संदीप पाठक और अशोक मित्तल के भी पार्टी छोड़ने की बात कही जा रही है, लेकिन इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

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आधिकारिक बयान का इंतजार

फिलहाल, इन सभी दावों पर न तो राघव चड्ढा और न ही आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है। ऐसे में स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।

Bhopal crime news : निशातपुरा में बुजुर्ग महिला पर हमला और लूट, 48 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

Bhopal crime news : भोपाल। राजधानी भोपाल के निशातपुरा इलाके में बुजुर्ग महिला के साथ घर में घुसकर मारपीट और लूट की वारदात सामने आई है। इस घटना से इलाके में डर और आक्रोश का माहौल बन गया। हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 48 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और लूट का सामान भी बरामद कर लिया है।

घर में अकेली महिला को बनाया निशाना

पुलिस के अनुसार घटना के समय बुजुर्ग महिला घर में अकेली थीं। इसी दौरान आरोपी मांगीलाल उर्फ मंगल घर में घुसा और लूटपाट करने लगा। जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उन पर हमला कर दिया।

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सीमेंट टाइल्स से सिर पर किया वार

लूट का विरोध करना महिला को भारी पड़ गया। आरोपी ने घर में रखी सीमेंट टाइल्स उठाकर उनके सिर पर वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

घटना के बाद आसपास के लोगों ने महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।

48 घंटे में पुलिस की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही निशातपुरा थाना पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से आरोपी की पहचान की गई। लगातार दबिश देकर पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने 35 वर्षीय मांगीलाल उर्फ मंगल को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने मारपीट और लूट की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली है। उसके पास से लूटे गए जेवरात भी बरामद कर लिए गए हैं।

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पहले से है आपराधिक रिकॉर्ड

आरोपी मूल रूप से राजगढ़ का रहने वाला है और भोपाल के कोहेफिजा इलाके में रह रहा था। उसके खिलाफ पहले से मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट सहित 6 गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक वह आदतन अपराधी है।

गिरफ्तारी के बाद निकाला जुलूस

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इलाके में उसका जुलूस निकाला। इसका मकसद लोगों में भरोसा कायम करना और अपराधियों को सख्त संदेश देना था।

इस घटना के बाद निशातपुरा क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में इस तरह की घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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MP missing cases : मध्यप्रदेश में 10 दिन में 100 गुमशुदगी के मामले, 98 अब भी लापता

MP missing cases : मध्यप्रदेश।  मध्यप्रदेश में गुमशुदगी के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की वेबसाइट पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, बीते 10 दिनों में राज्यभर से करीब 100 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई है। इनमें से सिर्फ 2 लोगों का पता चल पाया है, जबकि 98 लोग अब भी लापता हैं।

युवतियां सबसे ज्यादा निशाने पर

इन मामलों में सबसे ज्यादा संख्या 14 से 25 साल की लड़कियों की है। लगातार बढ़ते ऐसे केस पुलिस और परिवारों दोनों के लिए चिंता का कारण बनते जा रहे हैं।

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क्या सक्रिय है कोई गिरोह?

इतनी बड़ी संख्या में कम समय में लोगों के गायब होने से अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस एंगल से जांच जारी है।

तस्करी और देह व्यापार का शक

कुछ मामलों के पैटर्न को देखते हुए यह भी आशंका जताई जा रही है कि इन घटनाओं के पीछे मानव तस्करी या देह व्यापार से जुड़े नेटवर्क हो सकते हैं। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे केस

ऐसा पहली बार नहीं है जब इस तरह के मामले सामने आए हों। इससे पहले भी मध्यप्रदेश से लापता हुई लड़कियों को राजस्थान के अलग-अलग इलाकों से बरामद किया जा चुका है। कुछ मामलों में उन्हें पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीकी क्षेत्रों से भी सुरक्षित वापस लाया गया था।

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मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तलाश तेज कर दी है। अलग-अलग टीमों को एक्टिव किया गया है और दूसरे राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।

लगातार सामने आ रहे गुमशुदगी के मामलों ने आम लोगों में डर का माहौल बना दिया है। खासकर युवतियों की सुरक्षा को लेकर परिवारों में चिंता साफ देखी जा रही है।

बंगाल चुनाव: ‘फूलों की राजनीति’ में कमल बनाम फूल जोड़ी, किसके सिर सजेगा ताज?

 

बंगाल चुनाव:- पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में इस बार सियासत ‘फूलों’ के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी का कमल है, तो दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस का ‘फूल जोड़ी’ चुनाव चिन्ह। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज है, लेकिन मतदाता अब भी चुपचाप सब देख रहा है।

बीजेपी जहां बंगाल की ‘सूखी जमीन’ पर कमल खिलाने को बेताब है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पार्टी की सत्ता बरकरार रखने के लिए पूरा दम लगा रही हैं।

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बीजेपी बनाम टीएमसी: मुद्दों की जंग तेज

बीजेपी ने इस बार ममता सरकार पर भ्रष्टाचार, अराजकता और तुष्टिकरण के आरोपों को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया है। वहीं ममता बनर्जी केंद्र सरकार पर भेदभाव, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के आरोप लगा रही हैं।

राजनीतिक समीकरणों में ध्रुवीकरण की रणनीति भी साफ नजर आ रही है। जहां टीएमसी पारंपरिक वोट बैंक को साधने में जुटी है, वहीं बीजेपी हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने की कोशिश कर रही है।

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मोदी बनाम दीदी: प्रतिष्ठा की लड़ाई

इस चुनाव को एक तरह से नरेन्द्र मोदी और अमित शाह बनाम ममता बनर्जी की सीधी टक्कर के रूप में देखा जा रहा है। बीजेपी के लिए यह सत्ता में आने का बड़ा मौका है, तो ममता बनर्जी चौथी बार जीत दर्ज करने की कोशिश में हैं।

ममता बनर्जी का राजनीतिक सफर

  • चार दशकों से सक्रिय राजनीति में
  • 2011 में ऐतिहासिक जीत के साथ सत्ता में आईं
  • 34 साल पुराने वाम शासन का अंत किया
  • राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं
  • पिछले 15 वर्षों से लगातार सत्ता में

हालांकि हाल के वर्षों में पार्टी के कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, जिससे सरकार की छवि पर असर पड़ा है।

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महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल

कोलकाता समेत कई शहरों में महिला सुरक्षा को लेकर मुद्दे उठे हैं। खासतौर पर आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

चुनावी चरण और आगे की राह

  • पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान संपन्न
  • दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान

अब सभी की नजरें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि बंगाल में सत्ता का ‘फूल’ खिलेगा या मुरझाएगा।

 

छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक, 3 महीने तक नहीं मिलेगा अवकाश

छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने आगामी तीन महीनों तक कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।

सरकार ने यह कदम सुशासन तिहार और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को ध्यान में रखते हुए उठाया है। इन आयोजनों के दौरान आम जनता की समस्याओं का समाधान और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्राथमिकता में रहेगा।

छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को नहीं मिलेगी छुट्टी
छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को नहीं मिलेगी छुट्टी

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर दौरे के दौरान मीडिया के जरिए इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन दोनों महत्वपूर्ण कार्यों में कर्मचारियों की अधिकतम उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की बाधा न आए।

बिना अनुमति छुट्टी लेने पर सख्त कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी शासकीय सेवक बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के अवकाश पर नहीं जा सकेगा। यदि कोई कर्मचारी बिना पूर्व स्वीकृति के अनुपस्थित पाया जाता है, तो इसे स्वैच्छिक अनुपस्थिति माना जाएगा।

ऐसी स्थिति में कर्मचारी की सेवा पर सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि इसे “ब्रेक इन सर्विस” के रूप में दर्ज किया जा सकता है, जो भविष्य की सुविधाओं और करियर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

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आकस्मिक अवकाश के लिए भी कड़े नियम

अगर किसी कर्मचारी को अचानक अवकाश लेना पड़ता है, तो इसके लिए भी सख्त नियम लागू किए गए हैं।

  • डिजिटल माध्यम से पहले सूचना देना अनिवार्य
  • कार्यालय लौटने पर लिखित पुष्टि देना जरूरी

सरकार का उद्देश्य है कि प्रशासनिक कार्यों में किसी भी तरह की बाधा न आए और योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे।

भोपाल में बाल विवाह: भोपाल में नाबालिग की शादी का मामला, प्रशासन ने लिया सख्त संज्ञान

भोपाल में बाल विवाह:- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से बाल विवाह का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि 15 साल की एक नाबालिग लड़की का विवाह रायसेन जिले के एक युवक से कराया गया। यह घटना 18 अप्रैल को थुआखेड़ा पंचायत में हुई बताई जा रही है।

भोपाल में बाल विवाह का मामला उजागर
भोपाल में बाल विवाह का मामला उजागर

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सूचना मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार ने शादी रोकने से इनकार कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप किया।

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इस बीच, बाल संरक्षण आयोग और मानवाधिकार आयोग ने भी इस प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं कजली खेड़ा थाना पुलिस ने दूल्हे सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

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फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

MP कैबिनेट के बड़े फैसले: कृषि भूमि अधिग्रहण पर किसानों को 4 गुना मुआवजा, PWD के 25 हजार करोड़ के विकास कार्य मंजूर

MP कैबिनेट के फैसले: किसानों को 4 गुना मुआवजा, सिंचाई और PWD परियोजनाओं को मंजूरी

  • कैबिनेट बैठक में बड़े फैसलों पर मुहर
  • किसानों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा
  • इंदौर में सिंचाई परियोजनाओं को मंजूर

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए है। जिसमें कृषि भूमि के सरकारी उपयोग पर किसानों को 4 गुना मुआवजा देने का निर्णय हुआ है। वहीं इंदौर में सिंचाई परियोजनाओं और PWD के हजारों करोड़ के विकास कार्यों को भी मंजूरी मिली है।

कैबिनेट बैठक में बड़े फैसलों पर मुहर

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में किसानों, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार ने नीतियों में बदलाव करते हुए विकास और किसान हित को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है। कैबिनेट के इन फैसलों का असर आने वाले समय में राज्य के लाखों लोगों पर देखने को मिलेगा।

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किसानों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा 

कैबिनेट ने मप्र भूमि अर्जन पुनर्वासन अधिनियम 2015 में संशोधन करते हुए मल्टीप्लिकेशन फैक्टर को पुनर्निर्धारित करने का फैसला लिया है। इसके तहत अगर किसी किसान की कृषि भूमि का उपयोग सरकारी कार्यों के लिए किया जाता है, तो उसे बाजार मूल्य से चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। इस फैसले से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और भूमि अधिग्रहण को लेकर होने वाले विवाद भी कम होने की उम्मीद है।

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इंदौर में सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

कैबिनेट ने इंदौर जिले में दो सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर 157 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। इससे करीब 10 हजार 800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी और 145 गांवों के किसानों को सीधा लाभ होगा। इससे कृषि उत्पादन बढ़ने और किसानों की आय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

महू में रहवासी क्षेत्र में ब्लास्ट से हड़कंप: चिनार पार्क फेस-3 में धमाका, दो युवक गंभीर घायल, सेना के बम की आशंका

PWD के विकास कार्यों को बड़ी स्वीकृति

मध्यप्रदेश कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग के तहत 25 हजार 164 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को भी मंजूरी दी है। इन कार्यों में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। सरकार का लक्ष्य है कि दूरदराज के गांवों को बेहतर सड़क सुविधाओं से जोड़ा जाए, जिससे आवागमन आसान हो और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले।

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ग्रामीण विकास और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। किसानों को अधिक मुआवजा, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और सड़कों के निर्माण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के लागू होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।

महू में रहवासी क्षेत्र में ब्लास्ट से हड़कंप: चिनार पार्क फेस-3 में धमाका, दो युवक गंभीर घायल, सेना के बम की आशंका

  • रहवासी क्षेत्र में ब्लास्ट होने से हादसा
  • दो युवक गंभीर रूप से घायल
  • चिनार पार्क फेस थ्री में हुई घटना
  • सेना का बम फटने की जताई आशंका

महू के चिनार पार्क फेस-3 में रहवासी इलाके में अचानक ब्लास्ट होने से दो युवक गंभीर घायल हो गए। दोनों युवक जंगल की ओर गए थे, तभी धमाका हुआ। पुलिस को सेना के बम की आशंका है और मामले की जांच जारी है। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

रहवासी क्षेत्र में अचानक ब्लास्ट –

महू से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक रहवासी क्षेत्र में अचानक हुए ब्लास्ट से इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना किशनगंज थाना क्षेत्र के चिनार पार्क कॉलोनी फेस-3 की है। बताया जा रहा है कि धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग दहशत में आ गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।

दो युवक गंभीर रूप से घायल –

इस ब्लास्ट में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनके नाम सोनू और कमलेश बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार दोनों युवक सुबह के समय शौच के लिए कॉलोनी के पास जंगल क्षेत्र में गए थे। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी चपेट में दोनों आ गए। धमाके के बाद दोनों युवक जमीन पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत उठाकर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

अस्पताल में जारी इलाज –

घटना के बाद घायलों को तुरंत महू के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है। इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोग काफी चिंतित हैं। अस्पताल में भी लोगों की भीड़ देखने को मिली, जहां घायलों के परिजन और जानने वाले उनका हाल जानने पहुंचे।

सेना के बम की आशंका जांच जारी –

प्राथमिक जानकारी के अनुसार पुलिस इस मामले में सेना के किसी पुराने बम के फटने की आशंका जता रही है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर यह ब्लास्ट कैसे हुआ और इसमें किस प्रकार का विस्फोटक इस्तेमाल हुआ। मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और इलाके को सुरक्षित कर दिया गया है।

पुलिस मौके पर जांच तेज –

किशनगंज थाना पुलिस मौके पर मौजूद है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है और आसपास के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है और लोग प्रशासन से जल्द सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।

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