MP Politics: मध्यप्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने के मामले पर कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपना इस्तीफा संगठन को भेजा था और यह इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा गया था।

हेमंत कटारे ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा वापस नहीं लिया है और पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह उन्हें स्वीकार होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके फैसले के पीछे किसी तरह का दबाव नहीं था। कटारे के अनुसार, वह पारिवारिक कारणों से वेकेशंस पर गए थे और परिवार तथा अपने विधानसभा क्षेत्र को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे।

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उन्होंने कहा कि सदन के कामकाज को लेकर वह पूरी तरह गंभीर हैं। स्थगन प्रस्ताव लाने के लिए उन्होंने रातभर तैयारी की थी, लेकिन इसके बावजूद सदन में उनके स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया। कटारे ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सरकार के कहने पर ही सदन चलेगा।

हेमंत कटारे ने यह भी स्पष्ट किया कि नेता प्रतिपक्ष से उनका कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष उनके बड़े भाई समान हैं और उनके साथ किसी भी तरह का मतभेद नहीं है।
उप नेता प्रतिपक्ष के इस्तीफे को लेकर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर जारी है, वहीं अब सबकी निगाहें कांग्रेस संगठन के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।


