‘Dhurandhar’ sets the silver screen on fire – local samachar 24 https://localsamachar24.com जो सही बस वही Sat, 21 Mar 2026 14:43:07 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://localsamachar24.com/wp-content/uploads/2026/01/cropped-logo-LOCAL-SAMACHAR-32x32.png ‘Dhurandhar’ sets the silver screen on fire – local samachar 24 https://localsamachar24.com 32 32 फिल्म ‘धुरंधर’ से जुड़ी असली कहानी: जानिए RAW एजेंट ‘ब्लैक टाइगर’ रवींद्र कौशिक की गुप्त जिंदगी https://localsamachar24.com/dhurandhar/ https://localsamachar24.com/dhurandhar/#respond Sat, 21 Mar 2026 14:43:07 +0000 https://localsamachar24.com/?p=1007 फिल्म ‘धुरंधर’ के किरदार से जुड़ी असली कहानी जानिए। RAW एजेंट रवींद्र कौशिक उर्फ ‘ब्लैक टाइगर’ ने पाकिस्तान में रहकर कैसे भारत के लिए जासूसी की और अपनी जान न्यौछावर कर दी।

रवींद्र कौशिक का जन्म 11 अप्रैल 1952 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ, जो भारत-पाकिस्तान सीमा के बहुत करीब है. वो एक प्रतिभाशाली थिएटर कलाकार थे

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1973 में मात्र 21 साल की उम्र में रवींद्र को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) ने भर्ती कर लिया. उन्होंने दिल्ली में दो साल (1973-1975) की कड़ी ट्रेनिंग ली, उनकी असली पहचान मिटा दी गई और नया नाम दिया गया – नबी अहमद शाकिर. उनका खतना भी कराया गया ताकि कवर पूरी तरह मजबूत हो. 

सन 1975 में, 23 साल की उम्र में रवींद्र (नबी अहमद शाकिर) सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंचे. उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और वहां से LLB की डिग्री हासिल की. इससे उनकी सामाजिक स्थिति मजबूत हुई. उन्होंने एक स्थानीय लड़की अमानत से शादी की और परिवार बसाया . वे पूरी तरह पाकिस्तानी समाज में घुल-मिल गए थे

1979 से 1983 तक उन्होंने रॉ को अत्यंत महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी भेजी. इसमें पाक आर्मी की तैनाती, ऑपरेशन प्लान, बॉर्डर पर मूवमेंट्स आदि शामिल थे. इन जानकारियों से भारत को कई हमलों से बचने में मदद मिली और हजारों भारतीय सैनिकों की जान बची. उनकी बहादुरी देखकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें द ब्लैक टाइगर का कोड नेम दिया, जो रॉ के इतिहास में बहुत दुर्लभ सम्मान था.

गिरफ्तारी के बाद रवींद्र को लंबी और क्रूर पूछताछ का सामना करना पड़ा. उन्हें विभिन्न जेलों में रखा गया. 1985 में मौत की सजा सुनाई गई, लेकिन बाद में इसे उम्रकैद में बदल दिया गया. उन्होंने 16 साल से ज्यादा जेल में काटे, जहां यातना, बीमारी और उपेक्षा का सामना किया. वे कभी टूटे नहीं और भारत के प्रति वफादार रहे.

लेकिन  21 नवंबर 2001 को, 49 साल की उम्र में रवींद्र कौशिक ने पाकिस्तानी जेल में 

दम तोड़ दिया….भारत में उन्हें कोई आधिकारिक सम्मान नहीं मिला, लेकिन वो देश के सबसे महान जासूसों में गिने जाते हैं. उनकी कहानी बलिदान की मिसाल है 

कहा जा रहा है कि सलमान खान ने अपनी फिल्म टाइगर और जॉन इब्राहिम ने भी अपनी स्पाई फिल्मों इन्हें से इनस्पायर किरदार निभाया है वहीं अब ताजा रोल धुरंधर रणवीर सिंह का किरदार इन्ही रॉ एजेंट द ब्लैक टाइगर से इंस्पायर बताया जा रहा है….

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