एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। 8 अक्टूबर को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी। मेडिकल टीम जब उनके घर पहुंची तो वह बेहोश मिले। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

अस्पताल में 45 मिनट तक दिया गया CPR
नाना पाटेकर को मणिपाल अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया। उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक लगातार CPR दिया गया, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। मामला मेडिको-लीगल केस होने की वजह से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी की गई।

गोवा से पुणे लाया गया पार्थिव शरीर
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को गोवा के बैम्बोलिम स्थित GMC मुर्दाघर में रखा गया था। यहां उनके फैंस ने नम आंखों से अंतिम दर्शन किए। इसके बाद पार्थिव शरीर को मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ले जाया गया और हवाई रास्ते से पुणे पहुंचाया गया।
उनका पार्थिव शरीर पुणे पहुंचने के बाद उनके फार्महाउस के पास स्थित उनके पैतृक गांव डोंजे ले जाया गया। यहीं उनका अंतिम संस्कार किया जाना था।

पैतृक गांव डोंजे में होगी अंतिम विदाई
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे ग्रामीण के डोंजे गांव में किए जाने की जानकारी सामने आई। उनके अंतिम संस्कार में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार समेत राज्य कैबिनेट के अन्य मंत्रियों के शामिल होने की बात कही गई।
पुणे एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी।
करिश्मा कपूर ने ‘शक्ति’ के को-स्टार को किया याद
नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने भी अपने पुराने को-स्टार को याद किया। उन्होंने नाना पाटेकर को शानदार अभिनेता बताते हुए उनके साथ फिल्म ‘शक्ति’ में काम करने का अनुभव साझा किया।
करिश्मा ने कहा कि नाना के साथ काम करना उनकी जिंदगी के उन अनुभवों में से है, जिन्हें वह हमेशा याद रखेंगी। उन्होंने नाना की एक्टिंग, उनकी गहराई और स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी को बेमिसाल बताया। करिश्मा ने कहा कि उन्हें उनके साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका मिलने के लिए वह हमेशा शुक्रगुजार रहेंगी।
शेखर सुमन ने बताया- एक दिन पहले ही होना था शो में आना
नाना पाटेकर के निधन पर अभिनेता और टीवी होस्ट शेखर सुमन ने भी दुख जताया। उन्होंने एक्स पर बताया कि नाना पाटेकर को 7 अक्टूबर को उनके शो ‘शेखर टुनाइट’ में शामिल होना था।
हालांकि, नाना ने अपना कार्यक्रम कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया था। शेखर सुमन ने इस बात पर अफसोस जताते हुए कहा कि काश उन्होंने ऐसा नहीं किया होता, तो उन्हें नाना से आखिरी बार मिलने और उन्हें गले लगाने का मौका मिल जाता।
सुतापा सिकदर ने याद की नाना से पहली मुलाकात
लेखिका सुतापा सिकदर ने भी नाना पाटेकर से अपनी पहली मुलाकात का किस्सा साझा किया। उन्होंने ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए बताया कि सेट पर लोग नाना से काफी डरे-सहमे रहते थे।
सुतापा ने कहा कि उन्हें खुद भी समझ नहीं आता था कि वह नाना से क्यों डरती थीं। वह उनका पहला कमर्शियल सेट था और वह पहले से ही घबराई हुई थीं। लेकिन धीरे-धीरे नाना से बातचीत हुई और दोनों ने अच्छा समय बिताया।
तनुश्री दत्ता के बयान पर AICWA नाराज
नाना पाटेकर के निधन के बाद अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के एक बयान को लेकर भी विवाद सामने आया। तनुश्री ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि वह नाना के निधन पर बाद में सोचेंगी कि उन्हें क्या बोलना है। फिलहाल उनका ध्यान लखनऊ में होने वाले एक इवेंट पर है।
उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें चिंता है कि शाम को मीडिया का सारा ध्यान सिर्फ ‘ईविल डेड’ पर चला जाएगा। तनुश्री के इस बयान पर AICWA यानी ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने नाराजगी जताई।
AICWA ने कहा कि किसी व्यक्ति की मौत के बाद उसके बारे में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना इंसानियत के खिलाफ है।
नाना ने अपने अंतिम संस्कार की भी कर रखी थी तैयारी
नाना पाटेकर के निधन के बाद सेलिब्रिटी फोटोग्राफर अतुल कास्बेकर की एक बात भी चर्चा में है। अतुल ने इंस्टाग्राम पर बताया कि नाना ने अपने अंतिम संस्कार की तैयारी पहले से कर रखी थी।
अतुल के मुताबिक, नाना ने उन्हें लकड़ियों का एक ढेर दिखाया था, जिसे उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए तैयार किया था। नाना ने बताया था कि उन्होंने लकड़ियों को सूखा रखा है, क्योंकि गीली लकड़ियों से ज्यादा धुआं निकलता है। वह मजाकिया अंदाज में कहते थे कि वह नहीं चाहते कि उनके अंतिम संस्कार में लोग सिर्फ इसलिए रोएं क्योंकि उनकी आंखों में धुआं चला गया।
अतुल कास्बेकर ने लिखा कि शायद नाना पाटेकर ही ऐसे इंसान थे जो अपने अंतिम संस्कार की बात को भी कॉमेडी के अंदाज में कह सकते थे।
एक अलग अंदाज के अभिनेता थे नाना पाटेकर
नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि अपनी अलग आवाज, दमदार संवाद बोलने के अंदाज और शानदार अभिनय के लिए जाने जाते थे। पर्दे पर उनका गुस्सा हो, दर्द हो या फिर खामोशी, हर भाव दर्शकों तक सीधे पहुंचता था।
उनके जाने से हिंदी सिनेमा ने एक ऐसा कलाकार खो दिया, जिसकी जगह भरना आसान नहीं होगा। उनके साथ काम करने वाले कलाकारों से लेकर फैंस तक, हर कोई उन्हें अपने-अपने तरीके से याद कर रहा है।
नाना पाटेकर का जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक ऐसी कमी है, जिसे लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।
