नागरिक उड्डयन विभाग (DGCA) ने इंडिगो एयरलाइन के विरोध में गंभीर कार्रवाई की है। पिछले साल 2025 में इंडिगो की हजारों उड़ाने देरी से भरी गई और कई उड़ाने समय पर ही रद्द होने के कई मामलों की जांच में कई बड़ी कमियां सामने आई हैं। डीजीसीए की जांच रिपोर्ट में एयरलाइन के परिचालन के जरूरत से ज्यादा बदलाव, क्रू और विमानों के लिए काफी बैकअप की कमी और नई FDTL नियमावली का सही तरीके से पालन न करने का जिक्र किया गया है।

इंडिगो की इस लापरवाही को डीजीसीए ने गंभीर माना है और एयरलाइन के सीईओ को बड़ी चेतावनी दी। इसके साथ ही इंडिगो पर पूरे 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अधिकारियों के तहत CEO और एसवीपी–OCC के विरोध में भी कार्रवाई हुई है।
पूरा जांच में मिला है कि यात्रियों को समय पर सेवा देने में और उड़ानों को नियमित बनाए रखने में एयरलाइन की तैयारी बिल्कुल पर्याप्त नहीं रही। अधिकारियों यह भी कहना है कि यह यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए एक बेहद खतरा है, इसलिए नियमों का पालन करते हुए सख़्त कार्रवाई की गई।
डीजीसीए का साफ कहना है कि एयरलाइंस को भविष्य में अपने ऑपरेशन को व्यवस्थित रखना होगा। इसके बाद, यात्रियों को लंबी देरी और असुविधा से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे।
विशेषज्ञों ने बताया है कि इस कार्रवाई के जरिए इंडिगो और अन्य एयरलाइंस के लिए एक स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नियमों का पालन और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इंडिगो को अब यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि आने वाले मौकों में उड़ानों में देरी या रद्द होने की घटनाएं न हों और सभी नियमों का सही तरीके से पालन किया जाएं।
इस कार्रवाई ने साफ किया है कि डीजीसीए भविष्य में भी यात्रियों के हितों की रक्षा और एयरलाइन संचालन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाती रहेगी।
