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21 साल बाद मध्यप्रदेश में फिर दौड़ेंगी सरकारी बसें, रक्षाबंधन तक शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा

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भोपाल: करीब 21 साल पहले बंद हो चुकी मध्यप्रदेश राज्य परिवहन की बसें अब एक बार फिर सड़कों पर लौटने जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित अहम बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के रोडमैप को मंजूरी दी गई। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में आधुनिक, सुरक्षित और व्यापक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को विकसित करना है।

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बैठक में मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मंडल ने प्रदेश में नई बस सेवा के संचालन को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें बताया गया कि प्रदेश को सात प्रमुख परिवहन क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगा, जिनमें इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और रीवा शामिल हैं।

7 बड़े शहरों में होगा सिटी बस नेटवर्क का विस्तार

सरकार की योजना के अनुसार इन सात क्षेत्रों से जिला मुख्यालयों और ग्रामीण इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी दी जाएगी। कुल 620 मार्गों पर 2432 बसों के संचालन का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

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21 साल पहले क्यों बंद हुई थी सरकारी बस सेवा?

गौरतलब है कि करीब 21 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के कार्यकाल में भारी घाटे का हवाला देते हुए राज्य परिवहन निगम को बंद कर दिया गया था। इसके बाद प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का बड़ा हिस्सा निजी बस ऑपरेटरों के भरोसे रह गया। हालांकि निजी बसें मुख्य रूप से लाभदायक मार्गों पर संचालित होती रहीं, जिससे कई ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र बेहतर परिवहन सुविधा से वंचित रह गए।

अब राज्य सरकार नए मॉडल के तहत इस कमी को दूर करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर के जन्मदिन के अवसर पर ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ शुरू करने का ऐलान करते हुए कहा कि इस वर्ष रक्षाबंधन तक राज्य परिवहन बस सेवा शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।

 

इंदौर से होगी शुरुआत, जुलाई में उतरेंगी 150 इलेक्ट्रिक बसें

योजना के पहले चरण की शुरुआत इंदौर संभाग से की जाएगी। जुलाई महीने से इंदौर में तीन श्रेणियों की बसें चलाई जाएंगी—

  • इंटरसिटी बस सेवा
  • शहर और उपनगरीय क्षेत्रों के लिए सिटी बसें
  • महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक अंतरराज्यीय बस सेवा

इसके अलावा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत जुलाई से इंदौर में 150 इलेक्ट्रिक बसें भी शुरू की जाएंगी। इंदौर क्षेत्र में कुल 250 मार्गों पर 1688 बसों के संचालन का प्रस्ताव है।

1190 नए पदों को मंजूरी

बैठक में नई परिवहन कंपनियों के संगठनात्मक ढांचे, भर्ती नियमों और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को भी मंजूरी दी गई। राज्य स्तरीय कंपनी और सात सहायक कंपनियों में कुल 1190 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है, जिन्हें अगले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस योजना से यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक और समयबद्ध परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में संचालित निजी बसों के परमिट और संचालन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

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