Bhopal BMC Action: भोपाल। भोपाल में घरों और रिहायशी इलाकों में दुकान, होटल और दूसरी दुकानें चलाने वालों पर नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। शनिवार को अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और बावड़ियाकलां समेत कई इलाकों में निगम की टीम पहुंची। दोपहर तक 15 से ज्यादा दुकानों और दूसरी जगहों को सील किया जा चुका था। निगम ने शहर में अब तक करीब 1018 नोटिस जारी किए हैं।

ये भी पढ़ें:- Bhopal Farmers Protest: भोपाल में 3 दिन चला किसान आंदोलन खत्म, सरकार ने 60% मूंग खरीदी की मानी मांग, खाद का ई-टोकन भी स्थगित
टैटू शॉप बंद कराने पहुंचे, पार्षद पति से बहस
बावड़ियाकलां के वार्ड-52 में निगम की टीम एक टैटू शॉप बंद कराने पहुंची। यहां पूर्व पार्षद और पार्षद पति रामबाबू पाटीदार की निगम कर्मचारियों से बहस हो गई। दोनों के बीच काफी देर तक नोंकझोंक हुई। इसके बाद जोन प्रभारी नीलेश श्रीवास्तव ने बीच में आकर मामला शांत कराया।
रामबाबू पाटीदार ने निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि व्यापारियों को अचानक नोटिस दिए जा रहे हैं, जिससे दुकानदारों में डर और परेशानी का माहौल है। उन्होंने कहा कि अगर नियम के तहत कार्रवाई हो रही है तो शहर के सभी इलाकों में एक जैसी कार्रवाई होनी चाहिए।
ये भी पढ़ें:- CJP की चेतावनी के बाद बिहार सरकार का बड़ा फैसला, NEET पेपर लीक आंदोलन के सभी मुकदमे वापस
निगम बोला- पहले नोटिस दिए, फिर की कार्रवाई
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद की जा रही है। निगम के मुताबिक, जिन लोगों के घर या रिहायशी प्लॉट में दुकानें या दूसरी दुकानें चल रही थीं, उन्हें पहले नोटिस दिए गए थे।
उपायुक्त भुवन गुप्ता ने बताया कि कई दुकानदारों ने खुद ही अपना काम बंद कर दिया है। वहीं, जहां काम जारी था, वहां निगम की टीम ने दुकानें सील कर दीं। अरेरा कॉलोनी और बावड़ियाकलां में 19 बड़े शोरूम और रेस्त्रां को पहले ही 24 घंटे में दुकान बंद करने का नोटिस दिया गया था।
व्यापारी बोले- टैक्स और बिजली का बिल तो दे रहे हैं
निगम की कार्रवाई से व्यापारी नाराज हैं। 10 नंबर मार्केट के व्यापारियों ने प्रदर्शन भी किया। व्यापारियों का कहना है कि वे कमर्शियल रेट पर बिजली का बिल और प्रॉपर्टी टैक्स दे रहे हैं। उनके पास ट्रेड लाइसेंस और GST रजिस्ट्रेशन भी है।
व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी का कहना है कि भोपाल में पिछले कई सालों से नया मास्टर प्लान नहीं आया है। इस वजह से कई इलाकों में व्यापार के लिए नए इलाके तय नहीं हुए। ऐसे में पुराने समय से ही कई लोग रिहायशी इलाकों में दुकानें चला रहे हैं। अब अचानक दुकानें बंद करने को कहा जा रहा है। उनका सवाल है कि अगर दुकानें बंद हो गईं तो व्यापारी अपना काम लेकर कहां जाएंगे?
चैंबर ने कहा- मिक्स लैंड यूज की व्यवस्था हो
इस मामले में भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI) भी व्यापारियों के साथ खड़ा हुआ है। चैंबर ने कहा है कि जब तक इस मामले का कोई स्थायी हल नहीं निकलता, तब तक निगम की कार्रवाई रोकी जानी चाहिए। चैंबर ने मिक्स लैंड यूज की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। इसका मतलब है कि कुछ जगहों पर घर और दुकान दोनों चलाने की अनुमति हो।
चैंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल और सचिव अजय देवनानी ने बताया कि भोपाल का आखिरी मास्टर प्लान साल 2005 में लागू हुआ था। इसके बाद नया मास्टर प्लान नहीं आया। इसी वजह से अरेरा कॉलोनी, 10 नंबर मार्केट, 11-12 नंबर मार्केट, 1100 क्वार्टर्स, बावड़ियाकलां और रोहित नगर जैसे इलाकों में कई व्यापारी रिहायशी जगहों से अपना काम चला रहे हैं।
चैंबर का कहना है कि इन इलाकों में अस्पताल, बैंक, क्लीनिक, शोरूम और दूसरी जरूरी दुकानें भी लंबे समय से चल रही हैं। इसलिए सिर्फ 10 दिन का समय देकर दुकानें बंद कराने के बजाय सरकार को व्यापारियों के लिए कोई साफ और स्थायी रास्ता निकालना चाहिए।