Delhi Satya Niketan Building Collapse नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक चार मंजिला PG इमारत अचानक ढह गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग मलबे में फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया गया। हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा के अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
Delhi Satya Niketan Building Collapse: दोपहर करीब 1:30 बजे मिली इमारत गिरने की सूचना
दिल्ली फायर ब्रिगेड के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। करीब 20 मिनट बाद, 1:50 बजे पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। वहां इमारत का मलबा बिखरा हुआ था और कुछ लोगों के उसके नीचे दबे होने की जानकारी मिली। इसके बाद राहत और बचाव के लिए अतिरिक्त टीमें भी मौके पर भेजी गईं।
NDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू में जुटीं
हादसे की जानकारी मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, NDRF, दिल्ली पुलिस, MCD, DDA और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। सभी टीमें मिलकर मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुट गईं। अधिकारियों का पूरा ध्यान लोगों को जल्द से जल्द बचाने और घायलों को इलाज दिलाने पर रहा।
पुलिस के मुताबिक, हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। घायलों को मेडिकल मदद दी जा रही है।
अमित शाह ने CM और पुलिस कमिश्नर से की बात
हादसे की जानकारी मिलते ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और NDRF के महानिदेशक से बात की। उन्होंने मौके की स्थिति और राहत-बचाव अभियान की जानकारी ली।
अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट में हादसे पर दुख जताया और बताया कि स्थानीय प्रशासन और NDRF की टीमें तेजी से बचाव कार्य में जुटी हैं। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की।
CM रेखा गुप्ता ने आसपास की इमारतें खाली कराईं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी सत्य निकेतन मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर आसपास की इमारत को भी खाली कराया गया, ताकि किसी और हादसे का खतरा न रहे।
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, आशीष सूद और मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी मौके की स्थिति पर नजर रखी और संबंधित विभागों को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों तक जल्द मदद पहुंचाना है।
