Guna News। मध्य प्रदेश के गुना में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 17 साल का एक नाबालिग अपने पिता को खुश करने के लिए फर्जी शिक्षा अधिकारी बन गया। उसने बाकायदा फर्जी आई-कार्ड बनवाया और एक निजी स्कूल में पहुंचकर अधिकारी की तरह निरीक्षण भी किया।
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इतना ही नहीं, नाबालिग अपने पिता को भी साथ लेकर स्कूल पहुंचा, ताकि उन्हें विश्वास दिला सके कि उसकी शिक्षा विभाग में नौकरी लग गई है। हालांकि स्कूल प्रबंधन को उसके व्यवहार पर शक हुआ और मामले की शिकायत पुलिस और शिक्षा विभाग से की गई।
फर्जी आई-कार्ड लेकर स्कूल पहुंचा
मामला 31 अगस्त का है। नाबालिग बूढ़े बालाजी मंदिर के पास स्थित एक निजी स्कूल में पहुंचा। उसने खुद को शिक्षा विभाग का डिप्टी एजुकेशन ऑफिसर बताया।
उसने मध्य प्रदेश शासन की पट्टी वाला आई-कार्ड पहन रखा था। हाथ में डायरी और पेन लेकर उसने स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उसने स्कूल के रिकॉर्ड भी देखे और प्रबंधन को मान्यता रद्द कराने तक की धमकी दी।
स्कूल प्रबंधन को उसकी पहचान और व्यवहार पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस और शिक्षा विभाग को इसकी जानकारी दी गई।
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पहले भी स्कूल को फोन कर चुका था
पुलिस की जांच में सामने आया कि नाबालिग ने जुलाई में भी इसी स्कूल में फोन किया था। उसने एक छात्रा का शाला त्याग प्रमाण पत्र बिना बकाया फीस लिए जारी करने का दबाव बनाया था।
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स्कूल प्रबंधन के ऐसा करने से इनकार करने पर उसने स्कूल की मान्यता रद्द कराने की धमकी दी थी। इसके बाद जब वह खुद अधिकारी बनकर स्कूल पहुंचा तो प्रबंधन का शक और गहरा गया।
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CCTV और सोशल मीडिया से खुला पूरा राज
फर्जी निरीक्षण के दौरान नाबालिग स्कूल के CCTV कैमरों में कैद हो गया। पुलिस ने CCTV फुटेज के साथ उसकी सोशल मीडिया प्रोफाइल की भी जांच की।
जांच में सामने आया कि उसने सोशल मीडिया पर खुद को सरकारी अधिकारी और शिक्षा विभाग से जुड़ा हुआ बताया था। उसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर स्कूल निरीक्षण से जुड़ी तस्वीरें भी पोस्ट की थीं।
पुलिस ने जांच के बाद नाबालिग की पहचान कर ली। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इसी आधार पर उसे नोटिस दिया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। Guna News
