हाइलाइट्स
- 10 दिनों से कमर्शियल LPG सिलेंडर की किल्लत, होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित
- घरेलू गैस 2-4 दिन की देरी से मिल रही, लोग परेशान
- प्रशासन ने कार्रवाई कर 36 सिलेंडर जब्त किए
- कांग्रेस ने चूल्हे बांटकर किया विरोध, सरकार पर निशाना
LPG crisis bhopal : भोपाल। राजधानी भोपाल में रसोई गैस (LPG) की किल्लत लगातार बनी हुई है, जिससे आम लोग और व्यवसाय दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
शहर में पिछले करीब 10 दिनों से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं को भी गैस सिलेंडर के लिए 2 से 4 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
गैस की इस कमी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई इलाकों में उपभोक्ताओं को बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।
प्रशासन की सख्ती, कालाबाजारी पर नजर
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। शनिवार को प्रशासन की टीमें शहर के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय रहीं और गैस एजेंसियों व गोदामों की जांच की गई।
एक दिन पहले शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए चार स्थानों से कुल 36 सिलेंडर जब्त किए गए। इनमें घरेलू और कमर्शियल दोनों प्रकार के सिलेंडर शामिल थे।
फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, टीम लगातार निगरानी कर रही है। यदि घरेलू गैस का उपयोग कमर्शियल कामों में पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गैस एजेंसी के बाहर प्रदर्शन
गैस संकट को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। शनिवार को प्रभात चौराहे के पास एक गैस एजेंसी के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला के नेतृत्व में युवा कांग्रेस ने विरोध जताते हुए महिलाओं को प्रतीकात्मक रूप से चूल्हे वितरित किए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर गैस की समस्या ऐसे ही बनी रही, तो लोगों को फिर से चूल्हे पर खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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सरकार की नीतियों पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि गलत नीतियों के कारण देश में गैस की कमी पैदा हो रही है और आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के दावे जमीनी स्तर पर पूरे नहीं हो रहे हैं।

कालाबाजारी के आरोप
युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कुछ गैस एजेंसी संचालक इस संकट का फायदा उठाकर मनमाने दाम पर सिलेंडर बेच रहे हैं। उनका कहना है कि रात के समय सिलेंडरों से भरे ट्रक शहर में घूमते देखे जाते हैं, जबकि दिन में सप्लाई नहीं मिलती।
कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
आम जनता सबसे ज्यादा प्रभावित
LPG संकट का सबसे ज्यादा असर आम लोगों और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। जहां घरों में खाना बनाना मुश्किल हो रहा है, वहीं होटल और ढाबा संचालकों का काम भी प्रभावित हो रहा है।
यदि जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।