हाइलाइट्स 👇
- अब इलाज के लिए अस्पताल की लाइन नहीं
• HOPE ऐप से बुजुर्गों की डिजिटल हेल्थ निगरानी
• चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्गों को बड़ी राहत
BHOPAL NEWS : भोपाल।
जब उम्र और बीमारी साथ चलने लगें, तब अस्पताल तक पहुंचना ही सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक नई पहल की है, जिसके तहत अब बीमार और चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्गों तक इलाज खुद उनके घर पहुंचेगा।

राज्य के 6 शहरों में शुरू होगा होम हेल्थकेयर का पायलट प्रोजेक्ट
इस योजना के तहत मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रीवा में होम हेल्थकेयर का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यह योजना इन सभी जिलों के शहरी क्षेत्रों में लागू की जाएगी।
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‘HOPE ऐप’ से मिल रही घर बैठे स्वास्थ्य सुविधा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक 1214 बुजुर्गों का ‘HOPE ऐप’ के माध्यम से पंजीकरण हो चुका है, जबकि 346 बुजुर्गों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है। आने वाले समय में योजना के दायरे को और विस्तार देने की तैयारी है।
ऐसे मिलेगा बुजुर्गों को घर पर इलाज
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आशा कार्यकर्ता बुजुर्गों का सर्वे करेंगी
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नर्सिंग ऑफिसर योग्य बुजुर्गों का चयन कर ‘HOPE ऐप’ में एंट्री करेंगी
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‘HOPE किट’ के साथ नर्सिंग ऑफिसर बुजुर्ग के घर जाएंगी
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घर पर ही बीपी, शुगर, वजन सहित जरूरी जांच की जाएगी
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जांच के बाद फॉलो-अप और उपचार योजना तैयार होगी
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जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन डॉक्टर से परामर्श भी जोड़ा जाएगा
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स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य इस योजना के माध्यम से चलने-फिरने में असमर्थ करीब एक लाख बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है, ताकि उन्हें समय पर इलाज और बेहतर देखभाल मिल सके।
