Masood Azhar News: पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के दावों पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने पाकिस्तान की ओर से जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को भगोड़ा घोषित किए जाने को महज दिखावा बताया है।
एसपी वैद के मुताबिक, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि सुधारने और दुनिया की नजरों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की वास्तविक नीति पर सवाल खत्म नहीं होते।
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पाकिस्तान की ‘रेड बुक’ में मसूद अजहर का नाम
दरअसल, पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी FIA (Federal Investigation Agency) ने अपनी नई ‘रेड बुक’ में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को भगोड़ा घोषित किया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, मसूद अजहर के सिर पर घोषित इनाम की राशि भी बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दी गई है। पाकिस्तान की ओर से इसे आतंकवाद और वांछित आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर पेश किया जा रहा है।
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एसपी वैद ने उठाए पाकिस्तान की कार्रवाई पर सवाल
हालांकि, एसपी वैद ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मसूद अजहर को भगोड़ा घोषित करना केवल एक औपचारिक कदम हो सकता है और इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह दिखाना हो सकता है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।
रक्षा विशेषज्ञ भी पाकिस्तान की इस कार्रवाई को संदेह की नजर से देख रहे हैं। उनके मुताबिक, पाकिस्तान पर लगातार अंतरराष्ट्रीय निगरानी और आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने का दबाव रहा है। ऐसे में रेड बुक में नाम शामिल करना और इनाम बढ़ाना उसकी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
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अंतरराष्ट्रीय निगरानी से बचने की कोशिश?
मसूद अजहर लंबे समय से भारत और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक प्रमुख आतंकवादी चेहरा रहा है। जैश-ए-मोहम्मद कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार संगठन के तौर पर जाना जाता है।
ऐसे में पाकिस्तान की ओर से मसूद अजहर के खिलाफ की गई कथित कार्रवाई पर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह वास्तव में उसके खिलाफ कोई प्रभावी कदम है या फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करने की कोशिश।
फिलहाल मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान की कार्रवाई पर भारत की सुरक्षा और रणनीतिक बिरादरी की नजर बनी हुई है।
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