फिल्म ‘धुरंधर’ से जुड़ी असली कहानी: जानिए RAW एजेंट ‘ब्लैक टाइगर’ रवींद्र कौशिक की गुप्त जिंदगी

फिल्म ‘धुरंधर’ के किरदार से जुड़ी असली कहानी जानिए। RAW एजेंट रवींद्र कौशिक उर्फ ‘ब्लैक टाइगर’ ने पाकिस्तान में रहकर कैसे भारत के लिए जासूसी की और अपनी जान न्यौछावर कर दी।

रवींद्र कौशिक का जन्म 11 अप्रैल 1952 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ, जो भारत-पाकिस्तान सीमा के बहुत करीब है. वो एक प्रतिभाशाली थिएटर कलाकार थे

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1973 में मात्र 21 साल की उम्र में रवींद्र को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) ने भर्ती कर लिया. उन्होंने दिल्ली में दो साल (1973-1975) की कड़ी ट्रेनिंग ली, उनकी असली पहचान मिटा दी गई और नया नाम दिया गया – नबी अहमद शाकिर. उनका खतना भी कराया गया ताकि कवर पूरी तरह मजबूत हो. 

सन 1975 में, 23 साल की उम्र में रवींद्र (नबी अहमद शाकिर) सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंचे. उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और वहां से LLB की डिग्री हासिल की. इससे उनकी सामाजिक स्थिति मजबूत हुई. उन्होंने एक स्थानीय लड़की अमानत से शादी की और परिवार बसाया . वे पूरी तरह पाकिस्तानी समाज में घुल-मिल गए थे

1979 से 1983 तक उन्होंने रॉ को अत्यंत महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी भेजी. इसमें पाक आर्मी की तैनाती, ऑपरेशन प्लान, बॉर्डर पर मूवमेंट्स आदि शामिल थे. इन जानकारियों से भारत को कई हमलों से बचने में मदद मिली और हजारों भारतीय सैनिकों की जान बची. उनकी बहादुरी देखकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें द ब्लैक टाइगर का कोड नेम दिया, जो रॉ के इतिहास में बहुत दुर्लभ सम्मान था.

गिरफ्तारी के बाद रवींद्र को लंबी और क्रूर पूछताछ का सामना करना पड़ा. उन्हें विभिन्न जेलों में रखा गया. 1985 में मौत की सजा सुनाई गई, लेकिन बाद में इसे उम्रकैद में बदल दिया गया. उन्होंने 16 साल से ज्यादा जेल में काटे, जहां यातना, बीमारी और उपेक्षा का सामना किया. वे कभी टूटे नहीं और भारत के प्रति वफादार रहे.

लेकिन  21 नवंबर 2001 को, 49 साल की उम्र में रवींद्र कौशिक ने पाकिस्तानी जेल में 

दम तोड़ दिया….भारत में उन्हें कोई आधिकारिक सम्मान नहीं मिला, लेकिन वो देश के सबसे महान जासूसों में गिने जाते हैं. उनकी कहानी बलिदान की मिसाल है 

कहा जा रहा है कि सलमान खान ने अपनी फिल्म टाइगर और जॉन इब्राहिम ने भी अपनी स्पाई फिल्मों इन्हें से इनस्पायर किरदार निभाया है वहीं अब ताजा रोल धुरंधर रणवीर सिंह का किरदार इन्ही रॉ एजेंट द ब्लैक टाइगर से इंस्पायर बताया जा रहा है….

इंदौर में ऑनलाइन फूड का बढ़ता क्रेज: 80% युवा ऐप से मंगा रहे खाना, फूड डिलीवरी ट्रेंड में बड़ा उछाल

इंदौर में ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार शहर के करीब 80 फीसदी युवा फूड डिलीवरी ऐप के जरिए खाना मंगाना पसंद कर रहे हैं। जानिए इस बदलती फूड आदत की पूरी कहानी।

मध्य प्रदेश के इंदौर में लोग खाने-पीने के शौकीन है. यहां का पोहा तो प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में मशहूर है. लेकिन ऑनलाइन फूड डिलीवरी की लत ने इंदौर के लोगों को कुछ ज्यादा ही चटोरा बना दिया है. इंदौर में इस हद तक लोग ऑनलाइन फूड डिलीवरी कर रहे हैं कि खाने का ऑनलाइन कारोबार एक दिन में 40 करोड़ रुपये से ज्यादा तक पहुंच गया है जी हां सही सुना आपने  मोबाइल एप पर कुछ क्लिक करते ही घर के दरवाजे तक मनपसंद व्यंजन पहुंच जाने की सुविधा ने लोगों को पहले से कहीं ज्यादा चटोरा बना दिया है इसी

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बढ़ती मांग के चलते शहर के कई होटलों और रेस्टोरेंट में लगभग 20 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार खाना तैयार किया जा रहा है। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक इंदौर में रोजाना ऑनलाइन फूड डिलीवरी का कारोबार करीब 40 करोड़ रुपए से अधिक तक पहुंच चुका है। हालांकि इसके चलते रेस्टोरेंट में बैठकर खाने आने वाले ग्राहकों की संख्या में लगभग 5 प्रतिशत तक गिरावट भी दर्ज की गई है। रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी का एक सकारात्मक असर शहर की सड़कों पर भी दिखाई देता है। पहले वीकेंड पर रेस्टोरेंट के बाहर भारी भीड़ रहती थी, लेकिन अब युवाओं में करीब 80 प्रतिशत लोग रेस्टोरेंट जाने के बजाय ऑनलाइन ऑर्डर करना पसंद करते हैं। 

The growing craze for 'online test' in Indore
The growing craze for ‘online test’ in Indore

 

क्या आप भी आंख बंद कर मंगाते हैं ऑनलाइन खाना

अगर आप भी ऑनलाइन खाना मंगवाते हैं तो सावधानी जरुर रखें क्योंकि जहां पहले लोग इस सुविधा का फायदा मजबूरी में उठाते थे वहीं अब धीरे-धीरे ये एक एडिक्शन यानी लत बनती जा रही है। जब जो दिल किया,  फोन उठाया और फटाफट से ऑर्डर किया। मिनटों में खाना आपके पास। यह लत लोगों पर इतनी हावी हो जाती है कि उन्हें वो अपने बढ़ते वजन, बार-बार होने वाली पाचन संबंधी दिक्कतों को भी नजरअंदाज करते रहते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के नजरिए से, ये एडिक्शन सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है।

इंदौर में ऑनलाइन फूड का बढ़ता क्रेज
इंदौर में ऑनलाइन फूड का बढ़ता क्रेज

 ऑनलाइन खाना खाने के नुकसान

-ऑनलाइन फूड की गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं होती

– ज्यादातर खाना बासी और अनहेल्दी होता है

-खाने में साफ-सफाई का खास ध्यान नहीं रखा जाता

-स्वाद नहीं आपकी सेहत से खिलावाड़ हो सकता है

-शरीर में जरूरी विटामिन, खनिज और पोषक तत्वों की कमी हो सकती है 

-ज्यादा कैलोरी वाले और सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले फूड से वजन और मोटापा बढ़ सकता है

-सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले फूड से कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, जिनमें ब्लड प्रेशर, दिल के रोग और स्ट्रोक आदि शामिल होते हैं। जरूरत से ज्यादा फ्राइड और प्रोसेस्ड फूड्स खाने से शरीर में कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ सकता है और आर्ट्रियल प्लेक जमा हो सकता है

-संपूर्ण भोजन में फाइबर और पोषक तत्व नहीं होते, उनसे पाचन की समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जैसे – कब्ज, जी मिचलाना और अनियमित बाउल मूवमेंट आदि।

– ज्यादा शुगर और ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला खाना अनियमित रूप से खाने से ब्लड-शुगर कभी भी कम-ज्यादा हो सकती है

-फूड ऑर्डर करने के एडिक्शन का नकारात्मक असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

-बार-बार बाहर से खाना मंगवाना महंगा पड़ता है। इससे आपका बजट बिगड़ सकता है

पर्यावरण को भी नुकसान

फूड डिलीवरी के साथ अक्सर पैकेजिंग और वेस्ट जुड़े होते हैं, 

जिससे प्लास्टिक प्रदूषण जैसी पर्यावरण संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं 

फूड ऑर्डर करने के एडिक्शन और सेहत पर इसके संभावित परिणामों से निपटने के लिए, लोगों को खाने की सेहतमंद आदतों की ओर रुख करना चाहिए।

– खाने की योजना बनाना: 

घर पर ताजी चीजों की मदद से संतुलित खाना तैयार करने की योजना बनाएं और ऐसा ही खाना पकाएं।

– बदलाव: 

फूड डिलीवरी को रोज की आदत के बजाय कभी-कभार इसका इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं।

– वैराइटी: 

डाइट में विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट शामिल करने का प्रयास करें।

National Fast Food Day: How Chick-fil-A, Taco Bell, McDonald's rank

तो अगर आप फिर भी ऑनलाइन खाना मंगवाने और खाने के शौकिन हैं तो हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह भी ले सकते हैं ये आपकी लत छुड़वाने के लिए मदद कर सकते हैं क्योंकि कहा भी गया है जैसा खावै अन्न, वैसा होगा मन, मतलब सादा भोजन सेहत के लिए तो अच्छा होता है साथ ही दिमाग के लिए भी… तो आलस्य छोड़िए घर का बना भोजन खाएं और अपनी सेहत का रखें ख्याल….

सुप्रीम कोर्ट ने कहा ‘महाकाल के सामने कोई VIP नहीं’, सुनवाई से इनकार

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग उज्जैन महाकाल धाम में गर्भगृह में VIP के प्रवेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अपनी मांग मंदिर प्रशासन के सामने रखने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि महाकाल के सामने कोई भी VIP नहीं हैकोर्ट ने कहा कि मंदिर के गर्भगृह मे कौन जाएगा कौन नहीं? ये फैसला अदालते क्यों करें, आप मंदिर प्रशासन से अपनी बात रख सकते है। 

VIP Darshan Mahakaleshwar Temple
VIP Darshan Mahakaleshwar Temple

महाकाल के सामने कोई वीआईपी नहीं 

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वो अपनी मांग मंदिर प्रशासन  के सामने रखें…कोर्ट ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल के सामने सब बराबर है कोई विशेष दर्जा वाला नहीं होता। गर्भगृह में प्रवेश का नियम तय करने का अधिकार मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन के पास है, अदालत इसमें क्यों हस्तक्षेप करे?

VIP Darshan Mahakaleshwar Temple
VIP Darshan Mahakaleshwar Temple

 

याचिकाकर्ता का आरोप

 वहीं सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता का कहना है कि महाकाल दर्शन मे इस तरह के नियम समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है। गर्भ गृह में प्रवेश बीते ढाई वर्षों से बंद है, लेकिन इस बीच आरोप है कि नियमों को ताक पर रख वीआईपी एंट्री दी जाती है  

इंदौर बेंच ने भी खारिज कर दी थी याचिका

 

इस सुनवाई से पहले अगस्त 2025 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने भी इसी तरह की याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि गर्भगृह में प्रवेश का फैसला उज्जैन के जिला कलेक्टर और महाकाल मंदिर प्रशासक को ही करना है, अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

 

कोरोना काल से बंद है गर्भगृह में प्रवेश

आपको बता दें कि महाकाल दरबार में कोरोना काल के बाद से गर्भगृह में आम दर्शन बंद हैं। श्रद्धालु बाहरी क्षेत्र से ही भगवान महाकाल के दर्शन कर पाते हैं। हालांकि कई बार वीआईपी नेता और प्रभावशाली व्यक्तियों को विशेष अनुमति से गर्भगृह में प्रवेश की खबरें सामने आती रही हैं, जिससे आम भक्तों में नाराजगी बनी हुई है

VIP दर्शन पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब याचिकाकर्ता को मंदिर प्रशासन से बातचीत करनी होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों के आंतरिक नियमों और प्रबंधन में अदालत का हस्तक्षेप सीमित होना चाहिए। इस फैसले से मंदिर प्रशासन पर दबाव बढ़ सकता है कि वह नियमों को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से लागू करे।

टीवी पर दस्तक देने के लिए तैयार हैं नए सीरियल्स, ‘अनुपमा’ और ‘नागिन’ को मिलेगी टक्कर

 

टीवी मसाला:फरवरी के महीने में टीवी इंडस्ट्री में कई बड़े सीरियल शुरु होने वाला है जिसकी वजह से पुराने सीरियल TRP की रेस में पीछे हो सकते हैं सबसे पहले 27 जनवरी से टीवी एक्ट्रेस ऐश्वर्या खरे अपने नए सीरियल ‘डॉक्टर आरंभी’ के साथ वापसी करने वाली हैं। जिसमें सीरियल की लीड स्टार आरंभी शादी के कई सालों बाद डॉक्टर बनती है और उसी अस्पताल में पोस्टिंग लेंगी जहां उसके पति डॉक्टर हैं इनदोनों पति-पत्नी के बीच अनबन और डॉक्टर बनने का सपना आरंभी को हिट बना सकता है वहीं एक्टर नील भट्ट टीवी पर धमाकेदार वापसी करने तैयार है सीरियल मिस्टर एंड मिसेज परशुराम के जरिए..जिसमें नील सीक्रेट कॉप के रोल में नजर आएंगे और एक फेमिली मैन की तरह दिखेंगे…टीवी सीरियल ‘इश्क का ओटीपी’ भी छोटे पर्दे पर रिलीज के लिए तैयार है। इस शो में राची शर्मा और एक्टर विक्रम सिंह चौहान मुख्य भूमिका अदा करते दिखाई देंगे। शो का फर्स्ट लुक तो सामने आ चुका है, लेकिन रिलीज डेट का अभी कुछ नहीं पता है। जल्द ही सीरियल ‘यादें’ की एंट्री होने वाली है, जिसके जरिए एक्टर इकबाल खान लंबे वक्त बाद छोटे पर्दे पर वापसी करेंगे। इस शो में वो एक डॉक्टर का किरदार अदा करेंगे। टीवी पर जल्द ही भाविका शर्मा और शक्ति अरोड़ा स्टारर ‘मौनरागम’ की एंट्री होने वाली है। हालांकि इस शो की रिलीज डेट अभी तक सामने नहीं आई है। बता दें कि ‘गुम है किसी के प्यार में’ के बाद दूसरी बार शक्ति अरोड़ा और भाविका शर्मा की जोड़ी देखने को मिलेगी। टीवी पर जल्द ही ‘द 50’ की भी शुरुआत होने वाली है। इस शो में 50 कंटेस्टेंट्स कदम रखेंगे, जिसमें टीवी की कई खास पर्सनालिटीज के साथ-साथ सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भी शामिल हैं। ये शो 1 फरवरी से शुरू होगा।

doctor arambhi
doctor arambhi

‘अनुपमा’ को होगा खतरा !

 

बतादेंकि इस वक्त टीवी इंडस्ट्री में सीरियल अनुपमा का बोलबाला चल रहा है वहीं क्योंकि सास भी कभी बहू थी सीजन-2 हिट लिस्ट में आगे चल रहा है तो वहीं हालही में नागिन 7 की शुरुआत हुई है जिसे दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है जिन्होंने टीआरपी की रेस में जगह बनाई हुई है वहीं सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है का नया सीजन भी दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब हो रहा है

naagin 7
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नागिन-7 को लगेगा झटका

 

बतादेंकि नागिन 7 में ईशा सिंह और प्रियंका चाहर चौधरी लीड रोल में नजरआ रही थीं जहां नागिन-7 अपने बदले की तरफ बढ़ चुका है तो वहीं मास्टर शेफ इंडिया का नया सीजन भी लोगों को पसंद आ रहा है दोनों ही शोज अच्छे चल रहा हैं लेकिन दर्शक एक तरह की सास बहू और साजिश जैसे सीरियल देखकर बोर हो चुके हैं इसलिए प्रोड्यसूर नए नए शो लाकर दर्शकों टेस्ट को देखते हुए नई कहानी लेकर आ रहे हैं

रायपुर में साहित्य उत्सव 2026 का शुभारंभ,देशभर से 120 साहित्यकार पहुंचे,25 तक चलेगा महोत्सव

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में बसंत पंचमी यानी 23 जनवरी से रायपुर साहित्य उत्सव 2026 की शानदार शुरुआत हुई। उत्सव में साहित्यकारों, लेखकों और बुद्धिजीवियों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। बतादेंकि 23 जनवरी को उद्घाटन समारोह विनोद कुमार शुक्ल मंडप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश मुख्य अतिथि रहे, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की.

Sahitya Utsav 2026
Sahitya Utsav 2026

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपर में प्रदेश की गौरवगाशी धरती पर देश के कोने कोने से 120 से ज्यादा साहित्यकार, लेखकों और बुद्धिजीवियों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है…हर तरफ संस्कृति और उससे जुड़ी विरासत देखने को मिल रही है दरअसल छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में बसंत पंचमी यानी 23 जनवरी से रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का शुभारंभ हो चुका है यह उत्सव न केवल राज्य की समृद्ध साहित्य परंपर का उत्सव है बल्कि देश मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है…जहां देश विदेश के साहित्यकार,लेखक,कलाकार शामिल हो रहे हैं बतादेंकि उद्घाटन समारोह विनोद कुमार शुक्ल मंडप में आयोजित जा रहा है । कार्यक्रम में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह मुख्य अतिथि रहे , जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की..समारोह का आयोजन विनोद कुमार शुक्ल मंडप में हो रहा है…इस कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा, अभिनेता मनोज जोशी मौजूद रहे

https://x.com/vishnudsai/status/2014558418267414561?s=20

Chhattisgarh Sahitya Utsav 2026
Chhattisgarh Sahitya Utsav 2026

इस दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 साहित्य का महाकुंभ है। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों से आए 120 से अधिक साहित्यकार भाग ले रहे हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में कुल 42 सत्रों के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और समकालीन विषयों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन गणतंत्र के अमृतकाल और छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की भावना को दर्शाता है…वहीं उप सभापति हरिवंश ने कहा कि एक पुस्तक और एक लेखक भी दुनिया को बदलने की शक्ति रखते हैं। उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि साहित्य समाज को दिशा देता है

 

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि माता शबरी, माता कौशल्या और छत्तीसगढ़ महतारी की यह धरती भगवान श्रीराम का ननिहाल है। ऐसे पावन स्थल पर, छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष और बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है

 

बतादेंकि यह तीन दिवसीय आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्धि साहित्य संस्कृति और बौद्धिक परंपरा को प्रदर्शित करेंगा। इस आयोजन में देश प्रदेश के ख्याति प्राप्त साहित्यकार अपने विचारों और रचनाओं का मंचन करेंगें। इस आयोजन में साहित्य, कला और संस्कृति का विराट संगम देखने को मिलेगा। इस साहित्यक आयोजन में 

120 से अधिक ख्याति प्राप्त साहित्यकार इस आयोजन में अपनी सहभागिता दें रहे है।  

वही साहित्यक सत्र में 42 सत्रों में विचार,  विमर्श और संवाद किया जाएगा। साहित्यिक महोत्सव केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहेगा यहां हर आयु वर्ग को उनके उनके विचारों को पटल पर रखने का एक मंच दिया गया है। इस साहित्यिक महोत्सव में राष्ट्रीय पुस्तक मेला का आयोजन, युवाओं के लिए ओपन माइक और टैलेंट जोन  और कला प्रदर्शनी रखी गईं है…

 

इस कार्यक्रम में राष्ट्र सेवा के सौ वर्ष, छत्तीसगढ़ के लोक गीत, धार्मिक फिल्में और टीवी धारावाहिक, भारत का बौद्धिक विमर्श, राष्ट्रीय मीडिया में बहस के मुद्दे,  नाट्यशास्त्र और कला परंपरा,पर्यटन, और संविधान और भारतीय मूल्य जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी…अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में काव्य पाठ का आयोजन किया जाएगा…साथ ही छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ का आयोजन भी किया जाएगा। कहना गलत नहीं होगा कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का यह शुभारंभ साहित्यिक संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।

ट्रंप के ICE ने 5 साल के बच्चे को हिरासत में लिया, दुनियाभर में हो रही है आलोचना

ICE detains five-year-oldchild
ICE detains five-year-old child

अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों ने मंगलवार को मिनेसोटा के कोलंबिया हाइट्स में 5 साल के एक बच्चे लियाम कोनेजो रामोस को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद बवाल मच गया. बच्चे को उस वक्त हिरासत में ले लिया गया, जब वो प्री-स्कूल से घर लौट रहा था.अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने ट्रंप प्रशासन की इस कार्रवाई की जमकर आलोचना की. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि लियाम रामोस तो बस एक बच्चा है. उसे अपने परिवार के साथ घर पर होना चाहिए, न कि ICE द्वारा चारा बनाकर टेक्सास के हिरासत केंद्र में रखा जाना चाहिए. मैं आक्रोशित हूं और आपको भी होना चाहिए.

 

आखिर मिनेसोटा में हुआ क्या था?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक AP की रिपोर्ट के अनुसार स्कूल के अधिकारियों और परिवार के वकील ने कहा कि मिनेसोटा में प्रीस्कूल से घर पहुंचे एक 5 वर्षीय लड़के को उसके पिता के साथ इमिग्रेशन एजेंटों ने हिरासत में ले लिया. दोनों को पकड़ने के बाद टेक्सस के हिरासत केंद्र में ले जाया गया है. 5 साल लियाम रामोस हाल के हफ्तों में मिनियापोलिस उपनगर (सबअर्ब) से इमिग्रेशन एजेंट्स द्वारा हिरासत में लिया जाने वाला चौथा स्टूटेंड बन गया है..

 

अमेरिका में अधिकारियों ने 5 साल के बच्चे को हिरासत में लिया

 

अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस  ने जताई नाराजगी

अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने X पर लिखा, “लियाम रामोस अभी एक बच्चा है. उसे अपने परिवार के साथ घर पर रहना चाहिए, ICE द्वारा चारा (बेट) के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और न उसे टेक्सास के हिरासत केंद्र में रखा जाना चाहिए.”

 

कोलंबिया हाइट्स पब्लिक स्कूल डिस्ट्रिक्ट की अधीक्षक ने पूछे सवाल

 

कोलंबिया हाइट्स पब्लिक स्कूल डिस्ट्रिक्ट की अधीक्षक ज़ेना स्टेनविक ने कहा कि यह तो एक तरह से 5 साल के बच्चे को चारा बनाने जैसा है. उन्होंने एजेंटों से सवाल किया कि 5 साल के बच्चे को हिरासत में क्यों लिया जा रहा है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि आप मुझे यह नहीं कह सकते कि यह बच्चा हिंसक अपराधी है.

 

अमेरिका के उपराष्ट्रपति का रिएक्शन भी आया सामने

Liam and his father
Liam and his father

इस घटना के बाद ट्रंप प्रशासन की जमकर आलोचना हो रही है वहीं अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से भी इसको लेकर सवाल पूछा गया. इस पर जेडी वेंस ने पूछा गया कि क्या वो ट्रंप प्रशासन की ओर से प्रवासियों पर की जा रही सख्ती पर गर्व महसूस करते हैं, तो जेडी वेंस ने कहा कि उन्हें देश के कानूनों को लागू करने पर गर्व है. स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे के मामले पर खास तौर पर बात करते हुए जेडी वेंस ने कहा कि वो खुद भी एक 5 साल के बच्चे के पिता हैं और उन्होंने सोचा, यह बहुत भयानक है. हम एक पांच साल के बच्चे को कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं?

कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ बलौदा बाजार के बारनवापारा सफारी पहुंचे खिलाड़ी

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार स्थित बारनवापारा सफारी में भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने भ्रमण किया…दरअसल भारत बनाम न्यूजीलैंड (India vs New Zealand 2nd T20 Match) के बीच जारी पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का दूसरा मुकाबला शुक्रवार, 23 जनवरी को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. हालांकि इस मैच से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार (Baloda Bazar) स्थित प्रसिद्ध बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य में प्रकृति के अद्भुत नजारों का लुत्फ उठाया

Barnawapara Wildlife Sanctuary Baloda Bazar
Barnawapara Wildlife Sanctuary Baloda Bazar

खेल से पहले सफारी का आनंद

 

बतादेंकि 23 जनवरी को भारत वर्सेज न्यूजीलैंड के साथ दूसरा टी20 मैच खेला जारहा है ये मैच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शहीद वीर नायारण स्टेडिम में खेला गया…मैच से पहले टीम के कुछ खिलाड़ियों ने जंगल सफारी का आनंद लिया इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं….इस दौरान खिलाड़ियों ने जंगल सफारी के दौरान यहां की समृद्ध जैव-विविधता को बेहद करीब से देखा. इस खास मौके पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव, खिलाड़ी संजू सैमसन, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह और कुलदीप यादव ने बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य में जंगल सफारी का आनंद लिया. इस दौरान सीसीएफ वाइल्डलाइफ रायपुर सतोविशा समझदार, डीएफओ जंगल सफारी तेजस शेखर और अधीक्षक कृषानू चन्द्राकार भी मौजूद रहे. उन्होंने खिलाड़ियों को क्षेत्र की विशेषताओं से अवगत कराया बतादेंकि पहला टी20 मैच भारत ने जीता है और दूसरा मैच रायपुर स्टेडियम में खेला जा रहा है…क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम के बीच खिलाड़ियों की यह सैर चर्चा का विषय बनी हुई है।

Barnawapara Wildlife Sanctuary Baloda Bazar
Barnawapara Wildlife Sanctuary Baloda Bazar

बारनवापारा सफारी का क्या खास है 

 

छत्तीसगढ़ का यह अभयारण्य बलौदाबाजार जिले में रायपुर से लगभग दो घंटे की दूरी पर स्थित है. सड़क मार्ग से यहां पहुंचना आसान है और हर साल देश-विदेश से पर्यटक इसकी प्राकृतिक सुंदरता देखने आते हैं. इस बार वन विभाग ने नई व्यवस्थाएं की हैं, जिनमें लेपर्ड सफारी जोन सबसे आकर्षक बना हुआ है.वन विभाग ने इस सीजन में पर्यटकों के लिए तीन प्रवेश द्वार – पकरीद, बरबसपुर और रवान – खोले हैं. इन गेट्स से पर्यटक सफारी बुकिंग ऑनलाइन कर जंगल की गहराई तक जा सकते हैं. सफारी के दौरान प्रशिक्षित गाइड और ड्राइवर पर्यटकों को सघन साल, सागौन और बांस के जंगलों से होते हुए वन्यजीवों की दुनिया से परिचित कराते है

 

बारनवापारा में लेपर्ड सफारी जोन

 

बतादेंकि इस साल बारनवापारा में लेपर्ड सफारी जोन शुरू किया गया है. यहां पर्यटक नियंत्रित और सुरक्षित दूरी से तेंदुए के दर्शन कर सकते हैं. यह पहल न केवल रोमांचक अनुभव देती है, बल्कि स्थानीय युवाओं और गाइड्स के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलती है. वन विभाग के अनुसार, इससे आस-पास के गांवों में ईको-टूरिज्म का विकास बढ़ेगा

मथुरा में बसंत पंचमी से शुरू हुआ होली उत्सव, 40 दिनों तक चलेगा रंगों का त्योहार

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कान्हा की नगरी मथुरा में 23 जनवरी यानी बसंत पंचमी के पावन पर्व के साथ ही विश्व प्रसिद्ध ‘ब्रज की होली’ का विधिवत आगाज हो गया है. वृंदावन के विश्व विख्यात ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में आज सुबह से ही अबीर-गुलाल उड़ना शुरू हो गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर रंगीन छटा में सराबोर हो गया. ब्रज की परंपरा के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन ‘होली का ढांडा’ गाड़ने के साथ ही 40 दिवसीय होली महोत्सव की शुरुआत हो जाती है.

Barsana Holi 2026
Barsana Holi 2026

25 फरवरी से बरसाना में लठमार होली

 

वहीं आपको ये भी बतादेंकि बरसाना की लट्ठमार होली रंगीली गली में होली खेली जाती है। इसे राधा-कृष्ण प्रेम का प्रतीक स्थल माना जाता है। यह गली हर साल हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भर जाती है। लट्ठमार होली से एक दिन पहले “लड्डू होली” मनाई जाती है, जिसमें लड्डू फेंककर होली खेली जाती है। बरसाना में देश-विदेश से होली देखने के लिए पहुंचते हैं..बतादेंकि इस साल लट्ठमार होली 26 फरवरी को मनाई जाएगी…

 

रंगीली गली में ही क्यों मनाते हैं लठमार होली ?

Barsana Holi
Lathmar-Holi-of-Barsana

बरसाना में होली का त्योहार सिर्फ रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि प्रेम और उत्साह का प्रतीक है, जिसमें मीठी गालियों के साथ वृंदावन और नंदगांव के हुरियारों का स्वागत किया जाता है. वैसे तो पूरे बरसाना में ही होली का रंग उड़ता है, लेकिन बरसाना की ‘रंगीली गली’ में अलग ही आनंद वाली होली खेली जाती है. ये गली न केवल एक मार्ग है, बल्कि ब्रज की सदियों पुरानी संस्कृति और लट्ठमार होली का जीवंत केंद्र है.धार्मिक मान्यताओं और प्राचीन कथाओं के अनुसार द्वापर युग में भगवान कृष्ण अपने सखाओं के साथ इसी गली से होते हुए राधा रानी और गोपियों से होली खेलने जाते थे. करीब 100 मीटर लंबी इस गली का इतिहास सदियों पुराना है और इसे प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. इसी गली में श्रीकृष्ण राधारानी के पीछे भागते थे और रंग लगाते वक्त श्रीजी के सामने समर्पण भी करते हैं. यही वजह है कि रंगीली गली में होली का विशेष महत्व है 

 

आखिर कहां तक फैला है ब्रज

Barsana Holi 2026
Barsana Holi 2026

ब्रज का एरिया मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल, बरसाना, नंदगांव और इसके आसपास के स्थानों में फैला हुआ है.जहां के कण कण में राधा-कृष्ण का प्रेम नजर आता है इसलिए तो ब्रज का फाल्गुन का त्योहार दुनियाभर में प्रसिद्ध है

 

ICC T20 World Cup: बांग्लादेश से बाहर, ICC के आगे नहीं झुका बांग्लादेश

आखिरकार बांग्लादेश क्रिकेट टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो चुकी है. अब आईसीसी बांग्लादेश के बदले स्कॉटलैंड को टी20 वर्ल्ड कप में मौका देगी…आईसीसी ने कुछ घंटे पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को वॉर्निंग दे दी थी कि यदि टीम भारत दौरा नहीं करेगी तो उसे बाहर कर दिया जाएगा. लेकिन इसके बाद भी बीसीबी अपनी जिद पर अड़ा रहा और अब टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहिष्कार कर दिया है. इस फैसले से पहले बीसीबी ने एक टीम के खिलाड़ियों के साथ एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई थी. इसके कुछ घंटे बाद ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहिष्कार कर दिया है.

ICC T20 World Cup
ICC T20 World Cup

बांग्लादेश के सलाहकार ने कहा

BCB ICC
BCB ICC

इधर बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने नेशनल टीम के खिलाड़ियों के साथ चर्चा के बाद स्पष्ट किया कि टीम की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, “हम वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में भारत में हमारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं।” 

वहीं, BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने ‘एएनआई’ से बातचीत में कहा कि वे आईसीसी (ICC) के साथ अपनी चिंताओं को लेकर संवाद जारी रखेंगे। उन्होंने आईसीसी की बोर्ड मीटिंग में लिए गए कुछ फैसलों पर हैरानी जताई और वेन्यू बदलने की अपनी मांग को दोहराया।

 

स्कॉटलैंड को मिल सकता है मौका

Bangladesh
Scotland

बांग्लादेश के हटने के बाद अब स्कॉटलैंड के लिए टी 20 वर्ल्ड कप2026  के दरवाजे खुलते नजर आ रहे हैं। आईसीसी रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया जा सकता है।ऐसा ही कुछ 2009 में हुआ था जब जिम्बाब्वे के हटने पर अन्य टीम को मौका मिला था।

 

कैसे हुआ विवाद

Bangladesh
Bangladesh

बता दें कि भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था, क्रिकेट पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ा…और बीसीसीआई ने आईपीएल केकेआर की टीम को बांग्लादेश के स्टार गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के निर्देश दिए. इसके बाद ये मुद्दा तूल पकड़ गया और बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत दौरा न करने की जिद ठान ली.साथ ही आईपीएल के प्रसारण पर बांग्लादेश में रोक लगाने की चेताविनी दे दी…और कहा कि वो भारत की जगह श्रीलंका में अपने सभी निर्धारित मैच खेलना चाहते हैं इधर आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की इस डिमांड को खारिज किया..लेकिन बीसीबी फिर भी जिद पर अड़ा रहा. अंत में आईसीसी ने बीसीबी को भारत दौरा करने या टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के ऑप्शन रख दिए और 24 घंटे का समय दिया था

इसके बाद आखिरकार बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने फरवरी में होने वाले टी20 वर्ल्डकप 2026 से बाहर होने का फैसला किया है 

दुनिया का सबसे उम्रदराज कछुआ, देख चुका है 2 विश्व युद्ध

सेशेल्स का विशाल कछुआ जोनाथन दुनिया का सबसे बुजुर्ग जीवित ज़मीनी जानवर माना जाता है. उसकी उम्र 192 साल से ज्यादा बताई जाती है. वो सेंट हेलेना द्वीप पर रहता है और 19वीं सदी से अब तक का सफर देख चुका है. हालांकि उसकी आंखों की रोशनी और सूंघने की शक्ति कमजोर हो चुकी है, लेकिन विशेषज्ञों की देखरेख में वो आज भी स्वस्थ जीवन जी रहा है…बतादेंकि सेंट हेलेना द्वीप पर स्थित प्लांटेशन हाउस आज भी जॉनथन का घर है। यह वही जगह है जो आईलैंड के गवर्नर का आधिकारिक घर भी है। जॉनथन यहां कई गवर्नरों का काम देख चुका है। बतादेंकि वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि उसका जन्म लगभग 1832 के आसपास हुआ होगा। जॉनथन को आज लोग केवल एक कछुआ नहीं, बल्कि जीता-जागता इतिहास कहते हैं। उसने दुनिया को बदलते देखा है, इंसानों की पीढ़ियां आते-जाते देखी हैं और समय की रफ्तार को अपनी धीमी चाल से मात भी दी है। वैसे जॉनथन सेशेल्स जायंट टॉरटॉइज प्रजाति का कछुआ है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में अलडाब्राचेलिस गिगैन्टिया होलोलिसा कहा जाता है। इस प्रजाति के कछुए आम तौर पर 150 साल तक जिंदा रह सकते हैं, लेकिन जॉनथन ने इस उम्र को भी बहुत पीछे छोड़ दिया है

 

जॉनथन सबसे उम्रदराज कछुआ
दुनिया का सबसे उम्रदराज कछुआ

आखिर कछुए इतना क्यों जीते हैं

जॉनथन आज 192 साल का हो चला है लेकिन कछुओं के ज्यादा जीने का कारण उनका धीमा चयापचय (metabolism), मजबूत डीएनए मरम्मत प्रणाली, टेलोमियर (telomeres) का धीरे-धीरे छोटा होना, कैंसर से बचाव करने वाले जीन और उनके कठोर खोल (shell) से मिलने वाला सुरक्षात्मक लाभ है, जो उन्हें पर्यावरणीय खतरों और शिकारियों से बचाता है, जिससे कोशिकाओं को क्षति कम पहुँचती है और वे 100-150 साल या उससे भी ज़्यादा जीते हैं

 

कछुए में कैंसर प्रतिरोधी क्षमता होती है

आज इंसान में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होना आम बात है लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि कुछ कछुओं में ऐसे जीन होते हैं जो कैंसर को दबाते हैं और कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं, जिससे वे लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं। 

इतिहास में दर्ज सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले कछुए का नाम ‘अलडाबरा टॉरटॉयज’ था, जो साल 2006 में कोलकत्ता के चिड़ियाघर में रहते हुए मर गया था..उसकी उम्र करीब 200 साल बताई जातीहै जबकि इस प्रजाति के कछुए करीब 256 साल तक जिंदा रहते हैं और 150 साल के जिंदा रहने के बाद ही मरते हैं…यह विशालकाय कछुआ सेशेल्स आइलैंड में पाया गया था और इस पर कई वैज्ञानिक रिसर्च भी की गई थीं.

 

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